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यूनाइटेड नेशंस यंग चेंजमेकर्स कॉन्क्लेव प्रोग्राम में दिखा भारत का अधूरा नक्शा, त्रूदो थे मेहमान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 24 Feb 2018 06:16 PM IST
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PTI द्वारा जारी की गई तस्वीर में अधूरे नक्शे को साफ-साफ देखा जा सकता है
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कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन त्रूदो ने शनिवार को दिल्ली में आयोजित यूनाइटेड नेशंस यंग चेंजमेकर्स कॉन्क्लेव में शिरकत की। यह कार्यक्रम उन युवाओं को समर्पित था जिनकी वजह से दुनिया में महत्वपूर्ण बदलाव आ रहे हैं। कॉन्क्लेव में कनाडाई प्रधानमंत्री की पत्नी सोफी ग्रेगोर और बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा भी मौजूद थीं। इस बार के कार्यक्रम में सबसे महत्वपूर्ण यह रहा कि यहां स्टेज पर लगाए गए बैनर में भारत का नक्शा अधूरा दिखाया गया। नक्शे से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर तथा अक्साई चीन का हिस्सा गायब दिख रहा था। पीटीआई द्वारा जारी की गई तस्वीरों में अधूरे नक्शे को साफ-साफ देखा जा सकता है।
क्या कहता है नियम
भारत सरकार ने कानून बनाकर मानचित्र के गलत चित्रण को गैरकानूनी बना दिया है। ऐसा करने वालों को अधिकतम 7 साल की जेल हो सकती है और उन पर 100 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
भू-स्थानिक सूचना नियमन विधेयक 2016 के अनुसार भारत से जुड़ी किसी भू-स्थानिक सूचना को प्राप्त करने, उसका प्रचार-प्रसार करने, उसको प्रकाशित करने या उसमें संशोधन करने से पहले शासकीय प्राधिकार से अनुमति लेना आवश्यक होगा। कानून के अनुसार, 'कानून का उल्लंघन करके भारत की भू-स्थानिक जानकारी प्राप्त करने वाले पर एक करोड़ रुपये से 100 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और/या सात वर्ष तक की जेल हो सकती है।'
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क्या कहता है नियम
भारत सरकार ने कानून बनाकर मानचित्र के गलत चित्रण को गैरकानूनी बना दिया है। ऐसा करने वालों को अधिकतम 7 साल की जेल हो सकती है और उन पर 100 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
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भू-स्थानिक सूचना नियमन विधेयक 2016 के अनुसार भारत से जुड़ी किसी भू-स्थानिक सूचना को प्राप्त करने, उसका प्रचार-प्रसार करने, उसको प्रकाशित करने या उसमें संशोधन करने से पहले शासकीय प्राधिकार से अनुमति लेना आवश्यक होगा। कानून के अनुसार, 'कानून का उल्लंघन करके भारत की भू-स्थानिक जानकारी प्राप्त करने वाले पर एक करोड़ रुपये से 100 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और/या सात वर्ष तक की जेल हो सकती है।'
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जस्टिन त्रूदो
गौरतलब है कि दो साल पहले तक कुछ सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स द्वारा जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान और अरुणाचल प्रदेश को चीन के हिस्से के रूप में दिखाया जाता था। इसके बाद सरकार ने यह कड़ा कदम उठाते हुए भू-स्थानिक सूचना नियमन कानून 2016 बनाया था। दो वर्ष पहले ही ट्विटर ने कश्मीर की भौगोलिक स्थिति को चीन में और जम्मू को पाकिस्तान में दिखाया था, जिसका भारत सरकार ने विरोध किया था। हालांकि बाद में इसमें सुधार कर लिया गया था।
उल्लेखनीय है कि नवंबर 2017 में पश्चिम बंगाल के एक माध्यमिक स्कूल के परीक्षा पत्र में भारत का नक्शा गलत प्रकाशित किया गया था। प्रश्नपत्र में कश्मीर को पाकिस्तान का जबकि अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा दिखाया गया था। इस मामले पर राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस विपक्ष के निशाने पर आ गई थी।
उल्लेखनीय है कि नवंबर 2017 में पश्चिम बंगाल के एक माध्यमिक स्कूल के परीक्षा पत्र में भारत का नक्शा गलत प्रकाशित किया गया था। प्रश्नपत्र में कश्मीर को पाकिस्तान का जबकि अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा दिखाया गया था। इस मामले पर राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस विपक्ष के निशाने पर आ गई थी।