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केंद्र की जांच टीम का दावा, ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई बच्चों की मौत
amarujala.com- presented by: संदीप भट्ट
Updated Wed, 16 Aug 2017 08:36 PM IST
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गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में हुई बच्चों की मौत मामले में केंद्र सरकार की एक जांच टीम ने अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान केंद्र की तीन डॉक्टरों की टीम ने पूरे मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की।
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केंद्र की ओर से गए तीन सदस्यों के इस दल की प्राथमिक जांच में यह दावा किया गया है कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई है। जांच दल के सदस्यों का कहना है कि घटना में हुई बच्चों की मौत को ऑक्सीजन की कमी से नहीं जोड़ा जा सकता है।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल के दौरे पर गए दल का कहना है कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन से हुई है इसको लेकर कोई सबूत नहीं मिला है।
गोरखपुर गए जांच दल के सदस्य दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के पैडीरियाट्रिक विंग के प्रमुख हरीश चेलानी ने बताया कि केस शीट और आंकड़ों की जांच की गई जिसमें ये पता लगा है कि ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत नहीं हुई है। गौरतलब है कि उत्तरप्रदेश के गोरखपुर बीआरडी अस्पताल में पांच दिनों के भीतर करीब 60 बच्चों की मौत हुई।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दो दिन के भीतर 34 मासूमों की मौत
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में दो दिन के भीतर 34 मासूमों की मौत हो गई। मरने वालों में पांच इंसेफेलाइटिस से पीड़ित थे। 210 बेड वाले इस विभाग में अभी 265 बच्चों का इलाज चल रहा है।
12 से 14 अगस्त की रात 12 बजे तक बाल रोग विभाग में 24 मौत हुईं। इसमें एनआईसीयू में भर्ती 15 नवजात समेत पीडियॉट्रिक इंसेंटिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में इलाजरत नौ मासूम शामिल हैं।
वहीं, 14 की रात 12 बजे से 15 अगस्त की रात 12 बजे के दौरान 10 बच्चों की मौत हुई। इसमें एनआईसीयू में भर्ती सात नवजात समेत पीआईसीयू में इलाजरत तीन बच्चे शामिल हैं।
14 की सुबह नौ बजे से 15 अगस्त की सुबह पांच बजे के बीच देवरिया बघौचघाट की 13 वर्षीय गुड्डी पुत्री अलगू, सिद्धार्थनगर के 14 माह के रितेश पुत्र महेश पासवान, तुर्कपट्टी कुशीनगर की 10 वर्षीय मधु पुत्री सरलशाह, ऊंचगांव गोपालगंज के ढाई वर्षीय साहिल पुत्र अब्दुल रशीद और खजनी के सरया टोला की तीन वर्षीय महिमा पुत्री रामसनेही की इंसेफेलाइटिस से मौत हुई।
इसके बाद इस बीमारी से इस वर्ष कुल मौतों की संख्या 144 हो गई है। इसमें 135 मौत बालरोग विभाग और नौ मेडिसिन विभाग में हुई हैं। इंसेफेलाइटिस वार्ड में 57 और मेडिसिन विभाग में एक इंसेफेलाइटिस पीड़ित मरीज का इलाज चल रहा है। इंसेफेलाइटिस वार्ड में 496 और मेडिसिन विभाग में 29 जेई और एईएस मरीज इस साल भर्ती हो चुके हैं।
12 से 14 अगस्त की रात 12 बजे तक बाल रोग विभाग में 24 मौत हुईं। इसमें एनआईसीयू में भर्ती 15 नवजात समेत पीडियॉट्रिक इंसेंटिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में इलाजरत नौ मासूम शामिल हैं।
वहीं, 14 की रात 12 बजे से 15 अगस्त की रात 12 बजे के दौरान 10 बच्चों की मौत हुई। इसमें एनआईसीयू में भर्ती सात नवजात समेत पीआईसीयू में इलाजरत तीन बच्चे शामिल हैं।
14 की सुबह नौ बजे से 15 अगस्त की सुबह पांच बजे के बीच देवरिया बघौचघाट की 13 वर्षीय गुड्डी पुत्री अलगू, सिद्धार्थनगर के 14 माह के रितेश पुत्र महेश पासवान, तुर्कपट्टी कुशीनगर की 10 वर्षीय मधु पुत्री सरलशाह, ऊंचगांव गोपालगंज के ढाई वर्षीय साहिल पुत्र अब्दुल रशीद और खजनी के सरया टोला की तीन वर्षीय महिमा पुत्री रामसनेही की इंसेफेलाइटिस से मौत हुई।
इसके बाद इस बीमारी से इस वर्ष कुल मौतों की संख्या 144 हो गई है। इसमें 135 मौत बालरोग विभाग और नौ मेडिसिन विभाग में हुई हैं। इंसेफेलाइटिस वार्ड में 57 और मेडिसिन विभाग में एक इंसेफेलाइटिस पीड़ित मरीज का इलाज चल रहा है। इंसेफेलाइटिस वार्ड में 496 और मेडिसिन विभाग में 29 जेई और एईएस मरीज इस साल भर्ती हो चुके हैं।