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यूक्रेन संकट: पोलैंड के विदेश मंत्री बोले- अभी हालात अलग, लेकिन भविष्य में भारत हमारे साथ होगा
Tue, 26 Apr 2022 04:34 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 26 Apr 2022 04:34 PM IST
सार
रायसीना डायलॉग में एक सत्र में भाग लेते हुए राउ ने जोर देकर कहा कि यूरोपियन लोगों के लिए भारत दुनिया में सबसे बड़ा लोकतांत्रिक भागीदार है, जिसका अर्थ है कि हम समान मूल्यों, सिद्धांतों को साझा करते हैं।
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Raisina Dialogue
- फोटो : social media
विस्तार
पोलिश विदेश मंत्री जबिग्न्यू राउ ने मंगलवार को भरोसा जताया कि भविष्य में भारत यूक्रेन के मुद्दे पर यूरोपीय देशों के समान धरातल पर होगा। उन्होंने कहा कि घरेलू राजनीति सहित विभिन्न कारणों से एक निश्चित अवधि के लिए अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं। रायसीना डायलॉग में एक सत्र में भाग लेते हुए राउ ने जोर देकर कहा कि यूरोपियन लोगों के लिए भारत दुनिया में सबसे बड़ा लोकतांत्रिक भागीदार है, जिसका अर्थ है कि हम समान मूल्यों, सिद्धांतों को साझा करते हैं और हम समान राजनीतिक निर्णय और राजनीतिक समाधान के लिए खड़े हैं।
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यह पूछे जाने पर कि यूरोपीय दृष्टिकोण से यूक्रेन मामले में भारतीय प्रधानमंत्री के लिए उनके पास क्या संदेश है, राउ ने भारत और चीन के बीच हस्ताक्षरित शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पांच सिद्धांतों का उदाहरण दिया, जिन्हें पंचशील के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने दावा किया कि ये रूसी आक्रमण के शिकार लोगों के समर्थन का इशारा करते हैं।
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उन्होंने कहा कि हम घरेलू राजनीति सहित विभिन्न कारणों से एक निश्चित अवधि तक एक अलग तरीके से प्रतिक्रिया दे सकते हैं, लेकिन शर्तों या मूल्यों और इसलिए हमारे भविष्य के सहयोग के संदर्भ में मुझे यकीन है कि हम एक ही धरातल पर होंगे। लक्जमबर्ग और लिथुआनिया के विदेश मंत्रियों जीन एसेलबॉर्न और गेब्रियलियस लैंड्सबर्गिस ने यूक्रेन को हथियारों की डिलीवरी की आवश्यकता पर जोर दिया।
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एसेलबॉर्न ने कहा कि यूरोप में चर्चा हो रही है कि हमें हथियार देना चाहिए या नहीं, किस तरह के हथियारों दिए जाने चाहिए, इस पर भी चर्चा हो रही है। जर्मनी में भारी हथियारों के बारे में बहुत गहन चर्चा है। यूरोपीय संघ में हमें कभी भी इस तरह की चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा है। लिथुआनियाई विदेश मंत्री लैंड्सबर्गिस ने कहा कि अगर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में अपने युद्ध में सफल होते हैं तो वह इसे आगे बढ़ाएंगे, इसलिए यह जरूरी है कि यूक्रेन इस युद्ध को जीत ले और हमें अपनी भूमिका अदा करनी होगी।