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West Bengal: 24 घंटे में 82000 केंद्रीय सैनिक तैनात किए जाएं, हाईकोर्ट का एसईसी को आदेश, टीएमसी ने उठाए सवाल
Wed, 21 Jun 2023 11:09 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 21 Jun 2023 11:09 PM IST
सार
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को एसईसी को आठ जुलाई के पंचायत चुनावों में तैनाती के लिए 24 घंटे के भीतर 82,000 से अधिक केंद्रीय बलों के कर्मियों की मांग करने का निर्देश दिया।
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Calcutta High Court
- फोटो : www.calcuttahighcourt.gov.in
विस्तार
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनावों को लेकर राजनीति जोरों पर है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को एसईसी को आठ जुलाई के पंचायत चुनावों में तैनाती के लिए 24 घंटे के भीतर 82,000 से अधिक केंद्रीय बलों के कर्मियों की मांग करने का निर्देश दिया। ममता बनर्जी सरकार को बड़ा झटका तब लगा है जब सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव के दौरान राज्य में केंद्रीय बलों को तैनात करने के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा और उनकी याचिका खारिज कर दी।
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वहीं टीएमसी ने पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव जीतने का दावा किया और भाजपा समेत अन्य विपक्षी दलों पर राज्य की छवि को धूमिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने कहा कि एसईसी ने राज्य में ग्रामीण चुनावों के दौरान 82,000 केंद्रीय बलों के जवानों की मांग की थी यह तैनाती 2013 में हुई तैनाती से कम नहीं होगी।
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आठ जुलाई को होने वाले मतदान के लिए नामांकन दाखिल करने को लेकर व्यापक हिंसा में राज्य के विभिन्न हिस्सों में पांच लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। वहीं सत्तारूढ़ टीएमसी ने विपक्ष पर बंगाल में हिंसा करने का आरोप लगाया। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि हम न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हैं। लेकिन विपक्षी दल कुछ घटनाओं का इस्तेमाल कर न्यायपालिका को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्षी दलों द्वारा की गई हिंसा में टीएमसी के तीन कार्यकर्ताओं की जान चली गई।
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उन्होंने कहा कि 2013 के पंचायत चुनावों और उसके बाद के चुनावों में, केंद्रीय बलों की तैनाती के बावजूद टीएमसी विजयी हुई। केंद्रीय बलों की तैनाती का हमारी जीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हमें पंचायत चुनावों में जीत का पूरा भरोसा है। विपक्षी पार्टियां चाहें तो सेना की भी मांग कर सकती हैं, लेकिन यह हमें जीत हासिल करने से नहीं रोक सकती। घोष ने यह भी कहा कि हार को भांपते हुए विपक्षी दल कहानी को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।