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West Bengal: अभिषेक बनर्जी को राहत, कलकत्ता हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक दंडात्मक कार्रवाई पर लगाई रोक
Thu, 21 May 2026 02:50 PM IST
नितिन गौतम
आईएएनएस, कोलकाता
आईएएनएस, कोलकाता
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 21 May 2026 02:50 PM IST
सार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित टिप्पणी मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को राहत देते हुए उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। हालांकि हाईकोर्ट ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला
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अभिषेक बनर्जी, सांसद, टीएमसी
- फोटो : ANI
विस्तार
कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत दी है। गुरुवार को हाईकोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित टिप्पणियों के मामले में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ पश्चिम बंगाल पुलिस की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल पुलिस को निर्देश दिया कि वह अभिषेक बनर्जी के खिलाफ 31 जुलाई तक कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न करे। सुनवाई के दौरान जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने आगे कहा कि यह अंतरिम सुरक्षा इस शर्त पर दी जा रही है कि अभिषेक बनर्जी पुलिस की जांच में सहयोग करेंगे।
विदेश यात्रा की लेनी होगी अनुमति
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता अभिषेक बनर्जी को विदेश यात्रा के लिए पहले अनुमति लेनी होगी। हाईकोर्ट ने कहा कि उन्हें पहले जांच अधिकारी को 48 घंटे का नोटिस देना अनिवार्य है। हाईकोर्ट ने यह अंतरिम आदेश बनर्जी की उस याचिका पर दिया, जिसमें उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी रैलियों में की गई अपनी टिप्पणियों को लेकर दर्ज एक आपराधिक मामले को रद्द करने की मांग की थी।
वकील का दावा- मामला दुर्भावनापूर्ण
शिकायतकर्ता ने टीएमसी सांसद पर विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाते हुए भड़काऊ भाषण देने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने का आरोप लगाया था। सीनियर एडवोकेट कल्याण बंद्योपाध्याय हाईकोर्ट में अभिषेक बनर्जी की तरफ से पेश हुए और आरोप लगाया कि उनके क्लाइंट के खिलाफ मामला दुर्भावनापूर्ण है। उन्होंने कहा, 'यह सत्ता बदलने के तुरंत बाद दुर्भावनापूर्ण तरीके से मुकदमा चलाने के खिलाफ है।'
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कोर्ट ने भी अभिषेक बनर्जी की टिप्पणियों की आलोचना की
हालांकि, कोर्ट ने बनर्जी की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि अभिषेक बनर्जी को विवादित टिप्पणियां बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए थीं। शिकायतकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट बिलवदल भट्टाचार्य ने पक्ष रखा और राज्य सरकार की ओर से सीनियर एडवोकेट धीरज त्रिवेदी पेश हुए। इस मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी।
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विदेश यात्रा की लेनी होगी अनुमति
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता अभिषेक बनर्जी को विदेश यात्रा के लिए पहले अनुमति लेनी होगी। हाईकोर्ट ने कहा कि उन्हें पहले जांच अधिकारी को 48 घंटे का नोटिस देना अनिवार्य है। हाईकोर्ट ने यह अंतरिम आदेश बनर्जी की उस याचिका पर दिया, जिसमें उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी रैलियों में की गई अपनी टिप्पणियों को लेकर दर्ज एक आपराधिक मामले को रद्द करने की मांग की थी।
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वकील का दावा- मामला दुर्भावनापूर्ण
शिकायतकर्ता ने टीएमसी सांसद पर विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाते हुए भड़काऊ भाषण देने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने का आरोप लगाया था। सीनियर एडवोकेट कल्याण बंद्योपाध्याय हाईकोर्ट में अभिषेक बनर्जी की तरफ से पेश हुए और आरोप लगाया कि उनके क्लाइंट के खिलाफ मामला दुर्भावनापूर्ण है। उन्होंने कहा, 'यह सत्ता बदलने के तुरंत बाद दुर्भावनापूर्ण तरीके से मुकदमा चलाने के खिलाफ है।'
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कोर्ट ने भी अभिषेक बनर्जी की टिप्पणियों की आलोचना की
हालांकि, कोर्ट ने बनर्जी की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि अभिषेक बनर्जी को विवादित टिप्पणियां बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए थीं। शिकायतकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट बिलवदल भट्टाचार्य ने पक्ष रखा और राज्य सरकार की ओर से सीनियर एडवोकेट धीरज त्रिवेदी पेश हुए। इस मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी।