HC: बैंक की शाखाओं में स्थानीय भाषाओं के इस्तेमाल पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट, जानें क्या है मामला
कलकत्ता हाई कोर्ट ने बैंकों को पूछा है कि वे आरबीआई के त्रिभाषी दस्तावेजो वाले निर्देश का पालन कर रहे हैं या नहीं। एसबीआई सहित कुछ बैंकों ने रिपोर्ट दी, जबकि बाकी को दिसंबर की अगली सुनवाई से पहले जवाब दाखिल करने का आदेश दिया गया है।
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कलकत्ता हाईकोर्ट ने बैंकों की शाखाओं में स्थानीय भाषाओं के इस्तेमाल पर रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे एक रिपोर्ट जमा करें जिसमें बताया जाए कि वे आरबीआई के उस सर्कुलर का पालन कर रहे हैं या नहीं, जिसमें सभी जरूरी दस्तावेज अंग्रेजी, हिंदी और स्थानीय भाषा में उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। कोर्ट ने लंबित बैंकों को तुरंत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है, ताकि ग्राहकों को उनकी भाषा में सेवाएं मिल सकें।
अदालत ने बताया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और कुछ अन्य बैंकों ने पहले ही अपनी रिपोर्ट जमा कर दी है। वहीं, अन्य बैंकों को आदेश दिया गया है कि वे दिसंबर के पहले हफ्ते में होने वाली अगली सुनवाई से पहले अपनी रिपोर्ट जमा करें।
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बांग्ला पक्षो चैरिटेबल ट्रस्ट ने दायर की याचिका
बता दें कि यह इस मामले में याचिका ‘बांग्ला पक्षो चैरिटेबल ट्रस्ट’ नामक एनजीओ ने दायर किया था। याचिका में एनजीओ ने मांग की थी कि पश्चिम बंगाल की सभी बैंक शाखाओं में क्षेत्रीय भाषा बंगाली का इस्तेमाल किया जाए और आरबीआई के नियमों का पालन हो।
हालांकि इससे पहले पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने 15 सितंबर को अदालत में कहा था कि वह आरबीआई के निर्देशों का पालन करेगा और सभी जरूरी दस्तावेज तीन भाषाओं अंग्रेजी, हिंदी और बंगाली में उपलब्ध कराएगा।
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आरबीआई ने दिया था निर्देश
गौरतलब है कि आरबीआई ने एक जुलाई 2014 को एक सर्कुलर जारी कर सभी बैंकों को निर्देश दिया था कि शाखाओं में लगे सभी बोर्ड और ग्राहकों से संबंधित मुद्रित सामग्री तीन भाषाओं में होनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग आसानी से बैंकिंग सेवाओं का उपयोग कर सकें।