Calcutta HC: 'पहले मानव जीवन बचाया जाए,' अदालत का अवैध निर्माण को ढहाने के आदेश में दखल देने से इनकार
Calcutta High Court: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने विभिन्न नगर निकायों में कथित अवैध इमारतों को गिराने के आदेश में दखल देने से इनकार किया। याचिकाकर्ताओं की ओर से तीन वकील अदालत में पेश हुए। उन्होंने याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की। उच्च न्यायालय ने कहा कि वह ऐसे मामलों की सुनवाई सामान्य प्रक्रिया से ही करेगा।
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कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को अवैध इमारतों ढहाने के आदेश में दखल देने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि वह याचिका पर तत्काल सुनवाई नहीं करेगी। याचिका में अनाधिकृत ढांचों को ढहाने के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई है। बता दें कि एक दिन पहले कोलकाता में एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत ढहने से नौ लोगों की मौत हो गई। जबकि कई लोग घायल हो गए।
'सामान्य प्रक्रिया से ही होगी सुनवाई'
न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने विभिन्न नगर निकायों में कथित अवैध इमारतों को गिराने के आदेश में दखल देने से इनकार किया। याचिकाकर्ताओं की ओर से तीन वकील अदालत में पेश हुए। उन्होंने याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की। उच्च न्यायालय ने कहा कि वह ऐसे मामलों की सुनवाई सामान्य प्रक्रिया से ही करेगा।
'पहले इंसानों का जीवन बचाया जाए'
जब एक वकील ने याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की तो अदालत ने कहा कि वह अभी विध्वंस के किसी भी मामले में सुनवाई की अनुमति नहीं दे रही है। वकील ने दावा किया कि विध्वंस की तारीख 20 मार्च है और अगर मामला बाद में सुनवाई के लिए आता है तो यह पूरी तरह कवायद व्यर्थ हो जाएगी। इस पर न्यायमूर्ति सिन्हा ने कहा, इसे व्यर्थ ही रहने दें, पहले इंसानों का जीवन बचाया जाए। अदालत दखल नहीं दे रही है।
'दखल नहीं देने जा रही अदालत'
न्यायमूर्ति सिन्हा ने इसी तरह की परिस्थितियों का दावा करने वाली एक अन्य याचिका पर कहा, विध्वंस जारी रहने दिया जाए। अदालत दखल देने नहीं जा रही है।
इमारत ढहने से हुई नौ लोगों की मौत
कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर-134 के गार्डन रीच इलाके में सोमवार को एक निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत ढही। इसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और 15 से ज्यादा लोग घायल हो गए। कोलकाता के मेयर फिरहद हकीम ने कहा कि इमारत एक अवैध निर्माण था।