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केबल टीवी के जरिए दूर दराज के इलाकों में पहुंचेगी इंटरनेट सेवाएं
Tue, 01 Jan 2019 10:11 AM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अजय सिंह
Updated Tue, 01 Jan 2019 10:11 AM IST
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देश में ब्रॉडबैंड सेवाओं को बढ़ाने के को लेकर सूचना और प्रसारण मंत्रालय और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) को एक प्रस्ताव मिला है। इसमें मौजूदा डिश एंटीना के जरिए दूर दराज के इलाकों में इंटरनेट को पहुंचाने की बात कही गई है। मंत्रालय के मुताबिक अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो 19 करोड़ परिवारों तक केबल टीवी के जरिए इंटरनेट पहुंचेगा।
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ट्राई चेयरमैन आर.एस.शर्मा के मुताबिक फिक्स लाइन के जरिए देश में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ेगी। दुनिया के 46 प्रतिशत के तुलना में भारत में 7% लोग फिक्स लाइन से नेट दवाओं का इस्तेमाल करते हैं।
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इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद उपभक्ताओं को इंटरनेट सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए केवल सेट टॉप बॉक्स लगाना होगा। जबकि इस बदलाव में सर्विस प्रोवाइडर्स की सहायता डकास्ट इंजीनियरिंग कंसलटेंट इंडिया लिमिटेड (बीेईसीआईएल) करेगा।
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बहरहाल, राजस्व के मुद्दे पर चर्चा जारी है। फिलहाल सर्विस प्रोवाइडर वार्षिक आमदनी का 8% टेलीकॉम मंत्रालय को देते हैं। इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि ब्रॉडबैंड की सेवाएं भी लागू होने के बाद वह केबल और ब्रॉडबैंड दोनों से हुई आमदनी का हिस्सा टैक्स के रूप में देंगे या संयुक्त आमदनी का। कोरिया के तर्ज पर इसे लागू करने की बात हो रही है। कोरिया में फिक्स लाइन से इंटरनेट पहुंचाने का कवरेज 93% है।
सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय और सर्विस प्रोवाइडर दोनों ही इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। सचिव अमित खरे के मुताबिक केबल टीवी और ब्रॉडबैंड दोनों अलग अलग सेवाएं और ब्रॉडबैंड सेवाओं से आए राजस्व पर ही टैक्स लगेगा। फिलहाल यह प्रस्ताव वार्षिक राजस्व के मुद्दे पर ही अटका हुआ है। माना जा रहा है कि इसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा