फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Cabinet decision : 2 lacs seats will increase in educational institutes for 10 percent reservation

कैबिनेट का फैसला : 10 फीसदी आरक्षण के लिए शिक्षण संस्थानों में बढ़ेंगी दो लाख सीटें

Mon, 15 Apr 2019 08:44 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Mon, 15 Apr 2019 08:44 PM IST
सार

  • हर 20 छात्रों के लिए एक शिक्षक की बहाली की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी
  • मौजूदा जीएसएलवी कार्यक्रम के चौथे चरण को आगे जारी रखने की मंजूरी भी दी 
  • नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) कार्यालय में अब डिप्टी कैग भी होगा
  • अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग पर भारत और डेनमार्क के बीच हुए समझौते को मंजूरी

विज्ञापन
Cabinet decision : 2 lacs seats will increase in educational institutes for 10 percent reservation
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

विस्तार

लोकसभा चुनाव के बीच केंद्रीय कैबिनेट ने आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लोगों को शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट की बैठक में 158 केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में 10 फीसदी आरक्षण कोटा को लागू करने के मकसद से 2 लाख 15 हजार नई सीटें बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई। इसके क्रियान्वयन के लिए 4315.15 करोड़ रुपये के फंड को भी हरी झंडी मिल गई है। 

विज्ञापन


मौजूदा चुनाव आचार संहिता के बीच केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले से ताजा सियासी विवाद की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, सरकार का कहना है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) ने इस मसौदे को कैबिनेट के पास भेजने से पहले चुनाव आयोग की मंजूरी ले ली थी। इस फंड को आयोग ने आचार संहिता लागू होने के पहले ही मंजूरी दे दी थी। आज हुई कैबिनेट की बैठक में इसे सिर्फ अमली जामा पहनाया गया है। लिहाजा इसे आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना जा सकता है। 
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक, इस फैसले से साथ हर 20 छात्रों के लिए एक शिक्षक की बहाली की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। इस फैसले से 158 केंद्रीय संस्थानों में 2,14,766 अतिरिक्त सीटें बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। इनमें वित्त वर्ष 2019-20 में 1,19,983 सीटें और बाकी 95,783 सीटें 2020-21 में बढ़ाई जाएंगी। इतना ही नहीं, 4315.15 करोड़ रुपये नए छात्रों की मूलभूत सुविधाओं और नए शिक्षकों की बहाली पर खर्च होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


बजट सत्र के दौरान 9 फरवरी को राज्यसभा ने इससे संबंधित संविधान संशोधन बिल को पास करते हुए सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरी में 10 फीसदी आरक्षण को रही झंडी दे दी थी। उस दौरान इसे सरकार का बड़ा चुनावी दांव माना गया था। यह आरक्षण अनुसूचित जाति, जनजाति (एससी-एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के मौजूदा 50 फीसदी आरक्षण से अलग होगा।

अब डिप्टी कैग का भी होगा पद

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) कार्यालय में अब डिप्टी कैग भी होगा। डिप्टी कैग राज्यों की ऑडिट और सूचनाओं का समन्वय करेगा। साथ ही वह दूरसंचार क्षेत्र के लेखा का भी जांच करेगा। इस पद के सृजन पर 21 लाख रुपये खर्च होंगे।

जीएसएलवी के चौथे चरण पर मुहर

सरकार ने मौजूदा जीएसएलवी कार्यक्रम के चौथे चरण को आगे जारी रखने की मंजूरी दे दी। इसमें 2021-24 के बीच पांच राकेट लांच किए जाएंगे। चौथे चरण के लिए 2729.13 करोड़ रुपये धन की जरूरत का आकलन किया गया है। 

अब बोलिविया में मिल सकेगी नौकरी

कैबिनेट की बैठक में उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई, जो मार्च 2019 में भारत और लैटिन अमेरिकी देश बोलिविया के बीच हुआ था। इसके तहत आयुर्वेद, योगा, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी के जानकारों को बोलिविया में नौकरी मिल सकेगी।

डेनमार्क के साथ करार को हरी झंडी

सरकार ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को लेकर भारत और डेनमार्क के बीच हुए समझौते को उसकी पूर्व की तिथि से मंजूरी दे दी। इस समझौते में अपतटीय पवन ऊर्जा पर जोर दिया गया है। इस समझौते पर नई दिल्ली में मार्च, 2019 में हस्ताक्षर किए गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed