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CAA: 'मूल निवासियों पर नहीं होगा नागरिकता कानून का असर', केंद्रीय मंत्री बोले- असम में 12 सीटों पर जीतेगा NDA
Wed, 20 Mar 2024 01:46 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 20 Mar 2024 01:46 PM IST
सार
सोनोवाल ने कहा कि 'लोगों को भड़काने के लिए बयान देने की कोशिश हो रही है। कहा जा रहा है कि लाखों विदेशी आएंगे और असम के लोगों की पहचान को नष्ट कर देंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होगा और भविष्य में भी ऐसा नहीं होगा।'
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Sarbananda Sonowal
- फोटो : Social Media
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विस्तार
केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने बुधवार को कहा कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) का असम के मूल निवासियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी, जलमार्ग और आयुष मंत्री ने दावा किया कि समाज के सभी वर्ग राजग सरकार से खुश हैं, भले ही उनकी जाति, नस्ल और धर्म कुछ भी हो, क्योंकि सरकार ने पिछले 10 वर्षों में उनके हितों की रक्षा की है।
मूल निवासियों पर नहीं होगा सीएए का असर
असम के पूर्व सीएम रहे सोनोवाल ने कहा कि, 'सीएए एक राष्ट्रीय कानून है। विपक्ष बेबुनियाद भड़काऊ बयानों से चाहे जो भी स्थिति पैदा कर रहा हो, इससे असम के सामान्य और पढ़े लिखे नागरिकों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। आम लोग जानते हैं कि कानून उनके हितों को प्रभावित नहीं करने वाला है और वे कानून की असलियत जानते हैं। असम के मूल निवासियों के हितों पर इसका कोई असर नहीं होगा। सोनोवाल ने कहा कि लोगों को भड़काने के लिए बयान देने की कोशिश हो रही है। कहा जा रहा है कि लाखों विदेशी आएंगे और असम के लोगों की पहचान को नष्ट कर देंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होगा और भविष्य में भी ऐसा नहीं होगा।'
केंद्र सरकार ने हाल ही में नागरिकता संशोधन कानून के नियम लागू कर दिए हैं, जिससे पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के ऐसे गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिनके पास दस्तावेज़ नहीं हैं और जो 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आ गए थे।
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लोकसभा चुनाव में 12 सीटों पर जीतेगा एनडीए
लोकसभा चुनाव पर सोनोवाल ने कहा, 'हम राजग (एनडीए) के लिए 12 से ज्यादा सीट की उम्मीद कर रहे हैं। अभी तक जो स्थिति सामने आई है और लोग आपस में जो भी चर्चा कर रहे हैं, उससे यह आंकड़ा काफी हद तक संभव लगता है।' भाजपा ने असम की 14 में से 11 सीट पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं जबकि उसकी सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) ने दो सीट पर और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने एक सीट पर उम्मीदवार उतारा है। वर्तमान में लोकसभा में राज्य से भाजपा के नौ सांसद हैं, जबकि उसके सहयोगी एजीपी और यूपीपीएल का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। कांग्रेस के पास तीन और एआईयूडीएफ के पास एक सीट है जबकि एक अन्य सीट पर निर्दलीय का कब्जा है।
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मूल निवासियों पर नहीं होगा सीएए का असर
असम के पूर्व सीएम रहे सोनोवाल ने कहा कि, 'सीएए एक राष्ट्रीय कानून है। विपक्ष बेबुनियाद भड़काऊ बयानों से चाहे जो भी स्थिति पैदा कर रहा हो, इससे असम के सामान्य और पढ़े लिखे नागरिकों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। आम लोग जानते हैं कि कानून उनके हितों को प्रभावित नहीं करने वाला है और वे कानून की असलियत जानते हैं। असम के मूल निवासियों के हितों पर इसका कोई असर नहीं होगा। सोनोवाल ने कहा कि लोगों को भड़काने के लिए बयान देने की कोशिश हो रही है। कहा जा रहा है कि लाखों विदेशी आएंगे और असम के लोगों की पहचान को नष्ट कर देंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होगा और भविष्य में भी ऐसा नहीं होगा।'
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केंद्र सरकार ने हाल ही में नागरिकता संशोधन कानून के नियम लागू कर दिए हैं, जिससे पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के ऐसे गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिनके पास दस्तावेज़ नहीं हैं और जो 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आ गए थे।
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लोकसभा चुनाव में 12 सीटों पर जीतेगा एनडीए
लोकसभा चुनाव पर सोनोवाल ने कहा, 'हम राजग (एनडीए) के लिए 12 से ज्यादा सीट की उम्मीद कर रहे हैं। अभी तक जो स्थिति सामने आई है और लोग आपस में जो भी चर्चा कर रहे हैं, उससे यह आंकड़ा काफी हद तक संभव लगता है।' भाजपा ने असम की 14 में से 11 सीट पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं जबकि उसकी सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) ने दो सीट पर और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने एक सीट पर उम्मीदवार उतारा है। वर्तमान में लोकसभा में राज्य से भाजपा के नौ सांसद हैं, जबकि उसके सहयोगी एजीपी और यूपीपीएल का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। कांग्रेस के पास तीन और एआईयूडीएफ के पास एक सीट है जबकि एक अन्य सीट पर निर्दलीय का कब्जा है।