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CAA: सीएए के नियम लागू होने के बाद AIMIM ने केंद्र सरकार को घेरा, टीएमसी सांसद ने किया फैसले का समर्थन

Tue, 12 Mar 2024 02:26 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Tue, 12 Mar 2024 02:26 PM IST
सार

वारिस पठान ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव होने वाले हैं और सरकार ने अचानक सीएए के नियम लागू करने के बारे में सोचा। वह पिछले पांच वर्षों से क्या कर रहे थे? इसे पहले लागू क्यों नहीं किया गया?

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वारिस पठान - फोटो : ANI

विस्तार

चार साल के लंबे इंतजार के बाद देश में नागरिकता संशोधन अधियम (सीएए) के नियम लागू हो गए हैं। इस नियम के लागू होते ही पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदायों से संबंधित अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता लेने में आसानी होगी। सीएए के नियम लागू होने के बाद एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान ने प्रतिक्रिया दी है। इस नियम को लागू करने में लगे चार साल के इंतजार पर उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया है और सीएए को असंवैधानिक बताया है।
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एआईएमआईएम ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना 
वारिस पठान ने कहा, "आप क्रोनोलॉजी समझिए। नियम को लागू करने के समय को देखिए। तारीख तय हो गई है, लोकसभा चुनाव होने वाले हैं और सरकार ने अचानक सीएए के नियम लागू करने के बारे में सोचा। वह पिछले पांच वर्षों से क्या कर रहे थे? इसे पहले लागू क्यों नहीं किया गया?"
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उन्होंने आगे कहा, "इसलिए हम कहते हैं कि चुनाव से पहले सरकार ध्रुवीकरण की कोशिश कर रही है। वे विकास के क्षेत्र में विफल रहे हैं। उनके पास सवालों के जवाब नहीं है। इसलिए वे ये ले आए। हमने पहले भी इसका विरोध किया था और आज भी कहते हैं कि यह कानून असंवैधानिक है। हमें इस पर आपत्ति है।"

कांग्रेस ने बताया असंवैधानिक
असम में कांग्रेस विधायक अब्दुर राशिद मंडल ने सीएए का विरोध करते हुए इसे असंवैधानिक बताया है। उन्होंने कहा, "इस अधिनियम का संसद के अंदर और बाहर सभी पार्टियों द्वारा विरोध किया जा रहा है। यह पूरी तरह से भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक कानून है, क्योंकि सरकार यहां जाति के आधार पर नागरिकता दे रही है, जो कि भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत स्वीकार्य नहीं है। असम के साथ पूरे देश में इसका विरोध हो रहा है।"
सीएए के नियम लागू होने पर तामिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि वह इसे राज्य में लागू नहीं होने देंगे।

टीएमसी नेता ने सीएए का किया समर्थन
लोकसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं मिलने पर बैरकपुर से तृणमूल सांसद अर्जुन सिंह ने कहा, "यह समय ही बताएगा कि लोकसभा चुनाव में लड़ेंगे या नहीं।" उन्होंने आगे कहा, "मैं खुश हूं कि सीएए के नियमों को लागू कर दिया गया है।" 

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