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Bullet Train: रेलमंत्री ने दिखाया भारत की पहली बुलेट ट्रेन के लिए बना खास ट्रैक, जानें इस पर कितनी होगी रफ्तार
Thu, 28 Mar 2024 02:46 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 28 Mar 2024 02:46 PM IST
सार
वैष्णव ने बताया कि इस ट्रैक पर रफ्तार 320 किमी प्रतिघंटा तक होगी। इनमें 153 किलोमीटर वायाडक्ट का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा 295.5 किमी का पीयर वर्क भी पूरा हो चुका है।
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रेल मंत्री ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का वीडियो साझा किया।
- फोटो : X/Video Screengrab
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विस्तार
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत की पहली बुलेट ट्रेन के लिए बन रहे खास तरह के ट्रैक की पहली झलक दिखाई है। अपने एक्स हैंडल से उन्होंने इससे जुड़ा एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने देश के पहले बैलेस्टलेस ट्रैक की खूबियां बताईं। गुजरात-मुंबई के बीच बनने वाले इस ट्रैक के बारे में वीडियो में विस्तार से जानकारी दी गई है। साथ ही एनिमेटेड तरीके से इसमें बुलेट ट्रेन के दौड़ने के दृश्य भी शामिल किए गए हैं।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 'मेक इन इंडिया' के तहत बने ये ट्रैक बैलेस्टलेस हैं यानी ऐसे ट्रैक, जिनमें तेज रफ्तार ट्रेनों के भार को सहने के लिए पटरियों में रोड़ी-पत्थर और कॉन्क्रीट के एंगल की जरूरत नहीं होती। वैष्णव ने बताया कि इस ट्रैक पर रफ्तार 320 किमी प्रतिघंटा तक होगी। इनमें 153 किलोमीटर वायाडक्ट का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा 295.5 किमी का पीयर वर्क भी पूरा हो चुका है।
वीडियो में क्या?
वीडियो में बताया गया है कि यह विशिष्ट ट्रैक सिस्टम- जे-स्लैब बैलेस्टलेस ट्रैक सिस्टम प्रयोग में लाया जा रहा है। इस ट्रैक सिस्टम के मुख्यतः चार भाग हैं। वाया डक्ट के ऊपर आरसी ट्रैक बेड, सीमेंट-असाफाल्ट और मोर्टार की परत, इसके अलावा पहले से सांचे में ढाले हुए स्लैब और फास्टनर्स के साथ रेल भी।
वीडियो में बताया गया है कि प्री-कास्ट आरसी ट्रैक स्लैब का निर्माण देश में ही दो स्थानों पर किया जा रहा है। गुजरात के आणंद में और किम में। लगभग 35 हजार मीट्रिक टन रेल आ चुकी हैं। निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है।
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अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 'मेक इन इंडिया' के तहत बने ये ट्रैक बैलेस्टलेस हैं यानी ऐसे ट्रैक, जिनमें तेज रफ्तार ट्रेनों के भार को सहने के लिए पटरियों में रोड़ी-पत्थर और कॉन्क्रीट के एंगल की जरूरत नहीं होती। वैष्णव ने बताया कि इस ट्रैक पर रफ्तार 320 किमी प्रतिघंटा तक होगी। इनमें 153 किलोमीटर वायाडक्ट का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा 295.5 किमी का पीयर वर्क भी पूरा हो चुका है।
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Bharat’s first ballastless track for #BulletTrain !
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✅320 kmph speed threshold
✅153 km of viaduct completed
✅295.5 km of pier work completed
More to come in Modi 3.0 pic.twitter.com/YV6vP4tbXS — Ashwini Vaishnaw (मोदी का परिवार) (@AshwiniVaishnaw) March 28, 2024
वीडियो में क्या?
वीडियो में बताया गया है कि यह विशिष्ट ट्रैक सिस्टम- जे-स्लैब बैलेस्टलेस ट्रैक सिस्टम प्रयोग में लाया जा रहा है। इस ट्रैक सिस्टम के मुख्यतः चार भाग हैं। वाया डक्ट के ऊपर आरसी ट्रैक बेड, सीमेंट-असाफाल्ट और मोर्टार की परत, इसके अलावा पहले से सांचे में ढाले हुए स्लैब और फास्टनर्स के साथ रेल भी।
वीडियो में बताया गया है कि प्री-कास्ट आरसी ट्रैक स्लैब का निर्माण देश में ही दो स्थानों पर किया जा रहा है। गुजरात के आणंद में और किम में। लगभग 35 हजार मीट्रिक टन रेल आ चुकी हैं। निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है।