संसद में सख्त ओम बिरला : लोकसभा स्पीकर ने गिरिराज को दी हिदायत, कहा- बीच में बोलने की इजाजत नहीं
सदन में केंद्र सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री प्रसारित करने वाले टीवी चैनलों के लाइसेंस रद्द करने से पहले उन्हें सफाई के लिए पर्याप्त मौका दिया जाता है। सरकार ने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों में जम्मू-कश्मीर में सीमापार से घुसपैठ की 176 बार कोशिशें हुईं, जिनमें 31 आतंकवादी मार गिराए गए।
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला मंगलवार को भी सख्त तेवर में नजर आए। बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन उन्होंने सवाल उठा कर गायब रहने वाले सांसदों के लिए नई लकीर खींची, जबकि दूसरे दिन ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह को उनकी सख्त हिदायत झेलनी पड़ी। दरअसल, प्रश्नकाल के दौरान ग्रामीण विकास राज्यमंत्री निरंजन ज्योति एक सवाल का जवाब दे रहीं थीं तभी गिरिराज ने बीच में ही हस्तक्षेप करते हुए जवाब देना शुरू कर दिया। इससे स्पीकर बिरला नाराज हो गए।
उन्होंने कहा कि बीच में हस्तक्षेप कर जवाब देने की इजाजत नहीं मिलेगी। स्पीकर ने गिरिराज को जवाब नहीं देने दिया। इसके बाद साध्वी निरंजन ने ही पूरा जवाब दिया। गौरतलब है कि सोमवार को जम्मू-कश्मीर के बजट पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब के दौरान भी स्पीकर ने वित्त मंत्री से कहा कि ऐसे एक भी सांसद के सवालों का जवाब न दिया जाए जो अपना भाषण देकर सदन से गायब हो गए हैं।
लाइसेंस रद्द से पहले चैनलों को सफाई का दिया पूरा मौका : केंद्र
सदन में केंद्र सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री प्रसारित करने वाले टीवी चैनलों के लाइसेंस रद्द करने से पहले उन्हें सफाई के लिए पर्याप्त मौका दिया जाता है। लोकसभा में मंगलवार को सूचना-प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरूगन ने कहा, निजी टीवी चैनलों के संबंध में नवीनीकरण के आवेदन की जांच-परख गृह मंत्रालय अपने स्तर पर करता है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में समझौता नहीं किया जा सकता।
15 टीवी चैनलों के प्रसारण पर लगाया गया प्रतिबंध
मंत्री के मुताबिक, 2019 से विभिन्न उल्लंघनों के लिए अलग-अलग समय पर 15 टीवी चैनलों के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाया गया है।
जम्मू-कश्मीर में दो साल में घुसपैठ की 176 कोशिशें 31 आतंकियों को मारा
सरकार ने बताया है कि पिछले दो वर्षों में जम्मू-कश्मीर में सीमापार से घुसपैठ की 176 बार कोशिशें हुईं, जिनमें 31 आतंकवादी मार गिराए गए। लोकसभा में एक लिखित जवाब में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा, वर्ष 2020 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में 62 सुरक्षाकर्मियों को जान गंवानी पड़ी और 106 जवान घायल हो गए। वहीं, पिछले साल राज्य में 42 सुरक्षाकर्मियों ने मातृभूमि की रक्षा में प्राण न्योछावर किए और 117 अन्य घायल हो गए।
2020 में 8.22 करोड़ ने चुकाया टैक्स : निर्मला
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा को जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2019-20 में देश में कुल 8.22 करोड़ करदाताओं ने टैक्स दिया। इनमें व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट करदाता शामिल हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि आकलन वर्ष 2020-21 में कुल करदाता 8,22,83,407 हैं जबकि 1 मार्च, 2021 को देश की जनसंख्या 136.30 करोड़ थी। करदाताओं की इस संख्या में वो लोग शामिल हैं, जो आयकर या कॉर्पोरेट टैक्स देते हैं और रिटर्न दाखिल करते हैं या जिनका टैक्स नियोक्ता द्वारा पहले ही काट लिया जाता है।
तय फार्मूले पर काम करती है जीएसटी परिषद
राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न और पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद संघीय ढांचा है। यह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बीच बिना किसी भेद के तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप काम करती है।
राज्यों के 53,600 करोड़ बाकी
वित्तमंत्री ने बताया, मौजूदा वित्त वर्ष के लिए राज्यों को जीएसटी के लिए 53,600 करोड़ रुपये जारी होने बाकी हैं। वर्तमान वित्त वर्ष में राज्यों को इस मद में 96,576 करोड़ जारी हो चुके हैं।
कुछ राज्यों की वजह से हुई एबीजी शिपयार्ड मामले की जांच में देरी
एबीजी शिपडार्य मामले की जांच में हुई देरी को लेकर सफाई देते हुए केन्द्र सरकार ने कहा कि इसके लिए कुछ राज्य जिम्मेदार हैं। राज्यसभा में वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र समेत कई राज्यों ने जांच एजेंसी के अधिकार छीन लिए या फिर जांच की अनुमति देने में देरी की। घोटाले की जानकारी सामने आने के बाद केंद्र की ओर से जांच में देरी नहीं हुई।
वित्तमंत्री ने यूपीए सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, जब कंपनी आकार ले रही थी तब इसे आठ बार कर्ज दिया गया। , जबकि वर्ष 2014 के बाद से एक बार भी कर्ज नहीं दिया गया। इस तरह से यूपीए सरकार में एक बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया। वहीं, वित्त राज्यमंत्री भगवत कराड ने बताया कि कुल 24 बैंकों से 14,350 करोड़ का कर्ज एबीजी शिपयार्ड को दिया। इनमें से 10 सार्वजनिक क्षेत्र के हैं।