Budget 2022: डिजिटलीकरण से एजुकेशन सेक्टर को लगेंगे पंख, कमजोर तबके के बच्चों तक पहुंचना सरकार के लिए बड़ी चुनौती
शिक्षाविद डॉ जयंतीलाल भंडारी ने अमर उजाला से चर्चा में कहा, केंद्र सरकार ने अपने इस बजट के जरिए स्कूल और हायर एजुकेशन को डिजिटल दुनिया से जोड़ने का महत्वपूर्ण काम किया है। हालांकि कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए डिजिटल एजुकेशन फिलहाल चुनौती होगी क्योंकि एक बड़े वर्ग के पास अभी वे संसाधन नहीं हैं जो उच्च वर्ग के बच्चों के पास उपलब्ध हैं...
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को 2022-23 का आम बजट पेश किया। ऐसे में पूरे देश के शिक्षा जगत और छात्रों की नजरें भी इस तरफ थीं। कोरोना काल की चुनौतियों के बीच बजट में उनके लिए क्या खास होगा। कोरोना की दो लहरों के चलते बंद हुए स्कूल-कॉलेज से शिक्षा को बड़ा नुकसान हुआ है। ऐसे मे सरकार ने डिजिटल एजुकेशन पर ज्यादा जोर दिया है और लर्निंग को ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में शिफ्ट करने के भी प्रयास किए हैं। जबकि उच्च शिक्षा के कोर्सेज़ को ज्यादा नौकरी उन्मुख बनाने का भी प्रयास किया गया है।
शिक्षाविद डॉ जयंतीलाल भंडारी ने अमर उजाला से चर्चा में कहा, केंद्र सरकार ने अपने इस बजट के जरिए स्कूल और हायर एजुकेशन को डिजिटल दुनिया से जोड़ने का महत्वपूर्ण काम किया है। हालांकि कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए डिजिटल एजुकेशन फिलहाल चुनौती होगी क्योंकि एक बड़े वर्ग के पास अभी वे संसाधन नहीं हैं जो उच्च वर्ग के बच्चों के पास उपलब्ध हैं। कोरोना के बाद डिजिटल दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है। चाहे वह स्कूल हो या फिर कॉलेज सभी जगहों पर डिजिटल पढाई को फोकस किया जा रहा है। इसके जरिए ऐसे बच्चों को फायदा होगा जो देश के प्रसिद्ध संस्थानों से पढ़ाई करना चाहते हैं।
'वन क्लास, वन टीवी चैनल' का विस्तार
वित्त मंत्री ने इस बार के बजट में शिक्षा के क्षेत्र के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि कोविड महामारी के कारण स्कूल बंद होने की वजह से हमारे बच्चों खासकर उन बच्चों को जो इस देश के ग्रामीण और पिछड़े वर्ग से आते हैं, उन्हें कोविड के दौरान काफी समस्या हुई है। बच्चों ने अपनी स्कूली शिक्षा के दो साल घर में ही बिता दिए हैं। हम सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की समस्या और उनकी आवश्यकताओं को समझते हैं। इसीलिए हमने पीएम ई-विद्या के तहत पहले से संचालित 'वन क्लास, वन टीवी चैनल' प्रोग्राम को और विस्तार देने का विचार किया है। हम अब इसे बढ़ाकर 200 टीवी चैनल कर रहे हैं ताकि हमारे देश के विद्यार्थी अपनी सप्लीमेंट्री शिक्षा भी हासिल कर सकें। इन चैनलों में हमने स्थानीय भाषा में शिक्षा देने का खासा ध्यान रखा है। हमारे इस निर्णय से सभी राज्यों को अपने राज्य की स्थानीय भाषा में छात्रों को शिक्षा देने में अभूतपूर्व मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा हम शिक्षकों को भी बेहतर डिजिटल टूल उपलब्ध कराएंगे, जिससे वह छात्रों को बेहतर तरीके से पढ़ाई करा सकें।
डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाई जाएंगी
वित्तमंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए डिजिटल एजुकेशन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए एक डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। यूनिवर्सिटी में स्थानीय भाषा में इनफॉर्मेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी फॉर्मेट पर शिक्षा दी जाएगी। स्किल डेवलेपमेंट और आजीविका के लिए डिजिटल इकोसिस्टम लॉन्च किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऑनलाइन ट्रेनिंग के माध्यम से नागरिकों को स्किल, स्किल और अपस्किल प्रदान करना होगा। नौकरियों और अवसरों को खोजने के लिए API आधारित स्किल क्रेडेंशियल और पेमेंट लेयर्स भी होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के सिलेबस में बदलाव किया जाएगा. AICTE अर्बन प्लानिंग कोर्सेज़ का विकास करेगा और नेचुरल, ज़ीरो-बजट ऑर्गेनिक फार्मिंग और मॉर्डन डे एग्रीकल्चर के लिए सिलेबस में बदलाव किए जाएंगे।