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Budget 2021 India: श्रमिकों के लिए मिनिमम वेज कोड लागू करने की घोषणा, जानें फायदे

Mon, 01 Feb 2021 02:01 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Mon, 01 Feb 2021 02:01 PM IST
सार

  • सभी वर्ग के श्रमिकों को हर महीने मिल सकेगी तय रकम
  • बीमा या भविष्य निधि आदि से जुड़े लाभ भी दिए जाएंगे
  • श्रमिकों की जानकारी एकत्र करने के लिए लॉन्च होगा पोर्टल
  • मिनिमम वेज कोड के जरिये 50 करोड़ श्रमिकों को मिलेगा लाभ 

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Budget 2021 India: Nirmala Sitharaman Announcement of implementation of minimum wage code for workers  know benefits
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : PTI

विस्तार

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को 2021-22 का बजट पेश किया। बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हर वर्ग के श्रमिकों के लिए मिनिमम वेज कोड लागू करने की घोषणा की है। यह प्रवासी और असंगठित श्रमिकों के लिए लॉन्च किया जाएगा। अनुमान है कि इससे देश के 50 करोड़ के करीब श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा।

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कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के चलते कई फैक्ट्रियों और कंपनियों में ताले पड़ गए। इसका सबसे ज्यादा असर प्रवासी मजदूरों पर पड़ा। रोज कमाने खाने के चलते उनको दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गए। ऐसे में मिनिमम वेज कोड में सुधार की मांग काफी समय से की जा रही थी। आखिरकार, वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतामरमण ने इसके विस्तार का फैसला किया। मिनिमम वेज कोड के तहत अब हर श्रेणी के श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा। उन्हें एक तय समय पर निश्चित रकम मिल सकेगी।
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श्रमिकों के लिए लॉन्च होगा पोर्टल 
इसके अलावा, श्रमिकों के लिए एक खास पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा। इस पोर्टल के जरिये  गिग वर्कर्स, भवन और निर्माण श्रमिकों के बारे में जानकारी एकत्र की जा सकेगी। प्रवासी एवं श्रमिकों के लिए लांच किए जाने वाले इस खास पोर्टल का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के कामकारों को दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ऐसे श्रमिक जो अस्थायी रूप से कार्यरत हैं, इनमें गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर शामिल हैं। उन्हें भविष्य निधि, स्वास्थ्य और समूह बीमा, पेंशन जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। इस पोर्टल के जरिये श्रमिक एक क्लिक पर सारी जानकारी हासिल कर सकेंगे। इस स्कीम से देशभर के लगभग 50 करोड़ कामगारों को फायदा होगा। 

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2019 में पास हुआ था बिल 

बता दें कि मिनिमम वेज कोड बिल को 2019 में ही पास कर दिया गया था। कोरोना काल के दौरान इसमें कुछ संशोधन भी किए गए थे। इस बिल में पति, पत्नी और उनके दो बच्चों को एक श्रमिक परिवार का मानक माना गया था। इसके जरिये प्रतिदिन एक सदस्य पर के खाने-पीने एवं अन्य जरूरतों को शामिल किया गया था। इसमें बच्चों की शिक्षा का खर्च, चिकित्सा पर होने वाला व्यय एवं आकस्मिक व्यय को भी जोड़ा गया था। इन सब के आधार पर न्यूनतम मजदूरी और वेतन की गणना का हिसाब तय किया गया था। ये हर राज्यों के अनुसर अलग-अलग हो सकते हैं।

बता दें कि इसमें अस्थायी तौर पर काम करने वाले कर्मचारियों उबर, ओला, स्विगी और जोमोटो जैसे विभिन्न ई-कॉमर्स व्यवसायों से जुड़े कर्मचारी शामिल होते हैं। इन्हें काम के आधार पर भुगतान किया जाता है। 

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