फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Budget 2020 CAA to Article 370, highlight of President Kovind Speech of joint session of Parliament

बजट 2020: सीएए से अनुच्छेद 370 तक, राष्ट्रपति कोविंद के अभिभाषण की 10 प्रमुख बातें

Fri, 31 Jan 2020 12:35 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Priyesh Mishra Updated Fri, 31 Jan 2020 12:35 PM IST
विज्ञापन
Budget 2020 CAA to Article 370, highlight of President Kovind Speech of  joint session of Parliament
राष्ट्रपति कोविंद - फोटो : President of India Website

बजट सत्र के पहले दिन संसद के ऐतिहासिक केन्द्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भविष्य के भारत की रूपरेखा को स्पष्ट किया। उन्होंने नागरिकता कानून, अनुच्छेद 370, राम जन्मभूमि पर फैसला, किसान सम्मान निधि, जल जीवन मिशन, अनाधिकृत कॉलोनियो को स्थाई करने और खेल में बने कीर्तिमान पर सरकार के दृष्टिकोण को समाने रखा। जानिए उनके अभिभाषण की 10 प्रमुख बातें:

विज्ञापन

बापू की इच्छा पूरा करने के लिए लाए नागरिकता कानून: राष्ट्रपति

नागरिकता कानून को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि विभाजन के बाद बने माहौल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि- 'पाकिस्तान के हिंदू और सिख, जो वहां नहीं रहना चाहते, वे भारत आ सकते हैं। उन्हें सामान्य जीवन मुहैया कराना भारत सरकार का कर्तव्य है।' पूज्य बापू के इस विचार का समर्थन करते हुए, समय-समय पर अनेक राष्ट्रीय नेताओं और राजनीतिक दलों ने भी इसे आगे बढ़ाया। हमारे राष्ट्र निर्माताओं की उस इच्छा का सम्मान करना, हमारा दायित्व है। मुझे प्रसन्नता है कि संसद के दोनों सदनों द्वारा नागरिकता संशोधन कानून बनाकर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की इच्छा को पूरा किया गया है।

विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को हटाया जाना ऐतिहासिक: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति ने कहा कि संसद के दोनों सदनों द्वारा दो तिहाई बहुमत से संविधान के अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को हटाया जाना, न सिर्फ ऐतिहासिक है बल्कि इससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के समान विकास का भी मार्ग प्रशस्त हुआ है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का तेज विकास, वहां की संस्कृति और परंपराओं की रक्षा, पारदर्शी व ईमानदार प्रशासन और लोकतंत्र का सशक्तीकरण, मेरी सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जहां मार्च 2018 तक जम्मू-कश्मीर में लगभग 3,500 घर बनाए गए थे, वहीं दो साल से भी कम समय में 24,000 से ज्यादा घरों का निर्माण पूरा किया गया है। 

रामजन्मभूमि पर फैसले के बाद देशवासियों ने किया परिपक्वता से व्यवहार: राष्ट्रपति

सुप्रीम कोर्ट द्वारा रामजन्मभूमि पर फैसले के बाद देशवासियों द्वारा जिस तरह परिपक्वता से व्यवहार किया गया, वह भी प्रशंसनीय है। मेरी सरकार का स्पष्ट मत है कि पारस्परिक चर्चा-परिचर्चा तथा वाद-विवाद लोकतंत्र को और सशक्त बनाते हैं। वहीं विरोध के नाम पर किसी भी तरह की हिंसा, समाज और देश को कमजोर करती है। सरकार द्वारा पिछले पांच वर्षों में जमीनी स्तर पर किए गए सुधारों का ही परिणाम है कि अनेक क्षेत्रों में भारत की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में अभूतपूर्व सुधार आया है। मेरी सरकार, ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र पर चलते हुए, पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम कर रही है।

सरकार ने दिल्ली की 1,700 से अधिक कॉलोनियों के लोगों की अपेक्षा पूरी की: राष्ट्रपति

उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में रहने वाले 40 लाख से ज्यादा लोग, बरसों से इस अपेक्षा में जी रहे थे कि एक दिन उन्हें अपने घर का मालिकाना हक और गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार मिलेगा। दिल्ली की 1,700 से अधिक कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की इस अपेक्षा को भी सरकार ने पूरा किया है। पिछले 2 अक्तूबर को गांधी जी की 150वीं जयंती पर, देश के ग्रामीण इलाकों ने, खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित करके, राष्ट्रपिता के प्रति सच्ची श्रद्धा व्यक्त की है।

आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए सुरक्षा बलों को पूरी छूट: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने आतंकवाद फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई के लिए सुरक्षा बलों को पूरी छूट दी हुई है। सरकार द्वारा अंतरिक्ष में भी सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। A-Sat के सफल परीक्षण से भारत अंतरिक्ष में विशेष मारक क्षमता हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है।

अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए प्रतिबद्ध: राष्ट्रपति

अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि एक देश एक कर यानी जीएसटी ने भी टेक्नोलॉजी के माध्यम से देश में पारदर्शी व्यापार को बढ़ावा दिया है। जब जीएसटी नहीं था तो दो दर्जन से ज्यादा अलग-अलग टैक्स देने होते थे। अब टैक्स का जाल तो समाप्त हुआ ही है, टैक्स भी कम हुआ है। मेरी सरकार भारत की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत करके अर्थव्यवस्था में हर स्तर पर काम किया जा रहा है। दुनियाभर से आने वाली चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत है। हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 450 बिलियन डॉलर से भी ऊपर के ऐतिहासिक स्तर पर है।

चंद्रयान-3, गगनयान और आदित्य-1 मिशन पर तेजी से हो रहा काम: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का लक्ष्य, सदैव मानवता की सेवा रहा है। देश के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अथक परिश्रम के कारण चंद्रयान-2 ने देश के युवाओं में टेक्नोलॉजी के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया है। मेरी सरकार द्वारा चंद्रयान-3 को स्वीकृति दी जा चुकी है। इसरो द्वारा मानव अंतरिक्ष यान कार्यक्रम- गगनयान तथा आदित्य-एक मिशन पर भी तेजी से कार्य हो रहा है। 

सीडीएस से सेनाओं को और भी सशक्त, प्रभावशाली और आधुनिक बनाया जा रहा: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में सैन्यबलों के पुनर्गठन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बदलते समय में, देश की रक्षा से जुड़ी नई और जटिल चुनौतियों का सामना करने के लिए मेरी सरकार, सेनाओं को और भी सशक्त, प्रभावशाली और आधुनिक बना रही है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति और सैन्य मामलों का मंत्रालय का गठन इसी दिशा में उठाया गया कदम है।

2022 तक रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे सिक्किम और मिजोरम: राष्ट्रपति

उन्होंने कहा कि देश के 112 जिलों को एसपिरेशनल डिस्ट्रिक्ट- आकांक्षी जिले का दर्जा देकर इनमें गरीबों के विकास से जुड़ी एक-एक योजना पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। सरकार के प्रयासों की वजह से वर्ष 2022 तक सिक्किम, मिजोरम, मणिपुर और नागालैंड की राजधानियां रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगी।

बोडो संगठनों के साथ किया ऐतिहासिक समझौता: राष्ट्रपति

पांच दशकों से चली आ रही बोडो समस्या को समाप्त करने के लिए केंद्र और असम सरकार ने हाल ही में बोडो संगठनों के साथ ऐतिहासिक समझौता किया है। इस समझौते से, ऐसी जटिल समस्या, जिसमें 4 हजार से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई, उसका समाधान निकला है। त्रिपुरा, मिजोरम, केंद्र सरकार और ब्रू जनजाति के बीच हुए ऐसे ही एक और ऐतिहासिक समझौते से, न सिर्फ दशकों पुरानी समस्या हल हुई है बल्कि इससे ब्रू जनजाति के हजारों लोगों के लिए सुरक्षित जीवन भी सुनिश्चित हुआ है। समझौते के बाद बोडो समुदाय के विकास के लिए सरकार द्वारा 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed