बजट 2019: पीएम मोदी से लेकर चिदंबरम तक, किसने क्या कहा पढ़ें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 01 Feb 2019 01:34 PM IST
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शशि थरूर-योगी आदित्यनाथ
शशि थरूर-योगी आदित्यनाथ - फोटो : ANI

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वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने आज संसद में साल 2019-20 के लिए आम बजट पेश किया। इस बजट में किसानों-मजदूरों सहित मध्यमवर्ग को भी राहत दी गई है। मध्यमवर्ग को सरकार से काफी उम्मीदें थीं जिसका सरकार ने पूरा ख्याल रखा है। सरकार ने 5 लाख तक की आय वालों को टैक्स में छूट दी है। पहले यह सीमा ढाई रुपये थी। वहीं स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 40 से 50 हजार कर दिया गया है।किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को मंजूरी मिली है। इससे 2 हेक्टेयर तक की जमीन वाले किसान को हर साल 6 हजार रुपये मिलेंगे। इस बजट को लेकर पक्ष से लेकर विपक्ष ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। जहां पार्टी ने इसका स्वागत किया है। वहीं विपक्ष ने इसे वोट बैंक का हिसाब-किताब बताया है।

किसने क्या कहा?

नरेंद्र मोदी: केंद्र सरकार की योजनाओं को लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाला बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह बजट गरीब को शक्ति देगा, किसान को मजबूती देगा, श्रमिकों को सम्मान देगा, मध्यम वर्ग के सपनों को साकार करेगा, ईमानदार आयकर दाताओं का गौरवगान करेगा, इंफ्रास्ट्रक्टर निर्माण को गति देगा और अर्थव्यवस्था को बल देगा। लोकसभा चुनाव से पहले अपनी सरकार द्वारा 2019..20 का अंतरिम बजट पेश किए जाने के बाद अपनी प्रतिक्रिया में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं ने देश के हर व्यक्ति के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है । हमारा पूरा प्रयास है कि किसानों को सशक्त करके उन्हें वे संसाधन दें, जिनसे वे अपनी आय दोगुनी कर सकें। मोदी ने कहा कि ये बजट न्यू इंडिया के लक्ष्यों की प्राप्ति में देश के 130 करोड़ लोगों को नई ऊर्जा देगा । ये बजट सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्व-समावेशी है।
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बजट पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'समाज के सभी वर्ग जिसमें किसान, मध्यम वर्ग, गरीब और महिलाएं शामिल हैं उन्हें इस बजट में उल्लेखित किया गया है। यह बजट न्यू इंडिया के सपने को हासिल करने में मदद करेगा।'
पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने बजट को लेकर कहा, 'यह लेखानुदान नहीं, बल्कि वोट का हिसाब-किताब है।'
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, 'यह पूरी कवायद ठंडी रही। हालांकि हमें एक अच्छी चीज दिखाई दी वह है मध्यम वर्ग को मिलने वाली आयकर सीमा में छूट। किसानों को मिलने वाली आय सहायता को 6,000 रुपये से घटाकर 500 रुपये प्रति महीने कर दिया गया। क्या यह उन्हें सम्मान और गरिमा के साथ जीने में सक्षम बनाएगा?'

उमा भारती और रामविलास पासवान ने बजट को सरकार की विपक्ष पर सर्जिकल स्ट्राइक बताया है।

विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में पेश बजट भाजपा का चुनावी घोषणापत्र है।

अमित शाह: यह नये भारत के निर्माण को समर्पित मोदी सरकार के संकल्प व प्रतिबद्धता का प्रतीक है। ‘आज के बजट ने यह पुनः प्रमाणित किया है कि मोदी सरकार देश के गरीब, किसान और युवाओं के सपने एवं आकांक्षाओं को समर्पित सरकार है। इस सर्वग्राही बजट के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं उनकी पूरी सरकार को बधाई देता हूं।’ उन्होंने कहा कि यह फैसला किसान कि आय दो गुना करने के प्रयास में मील का पत्थर साबित होगी।

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह: बजट उद्देश्य अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है और इससे समाज के सभी वर्ग लाभान्वित होंगे। हमारी सरकार चाहती है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और यही बजट का उद्देश्य है। मैं इसे ऐतिहासिक बजट कहूंगा। यह समाज के सभी वर्गों के लिए लाभ देने वाला होगा। 

अरविंद केजरीवाल- ‘मोदी सरकार का अंतिम जुमला: उसके अंतरिम बजट ने भी दिल्ली को निराश किया। केंद्रीय करों में हमारा हिस्सा 325 करोड़ रुपये पर ही अटका रहा और स्थानीय निकायों के लिए कुछ भी आवंटित नहीं किया गया। दिल्ली वित्तीय रुप से अपने दम पर चल रहा है। 1. (दिल्ली सरकार ने) शिक्षा एवं स्वास्थ्य में बहुत निवेश किया, 2. न्यूनतम वेतन बढ़ाया और उसे लागू किया, 3. फसल का दाम उसकी लागत का डेढ़ गुणा दिया,4. एकबारगी कृषि रिणमाफी की। इससे निर्धनतम लोगों की जेब में पैसे पहुंचे, अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिला और नौकरियां पैदा हुईं। बजट में इनमें से कुछ नहीं है। 

-पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आम चुनाव से पहले अंतरिम बजट में कई लोकलुभावन प्रस्तावों की घोषणा करने के लिए शुक्रवार को केन्द्र की आलोचना की और कहा कि इन घोषणाओं की कोई कीमत नहीं है और यह हताशा का एक संकेत है। बनर्जी ने कहा कि बजट में कुछ भी ठोस नहीं है...यह सब कुछ केवल वोटों को पाने के लिए किया गया है। सत्ता में बने रहने के लिए यह हताशा का संकेत है। अपने अंतरिम बजट में कोई भी सरकार लोकसभा चुनाव से पहले पूर्ण योजनाएं नहीं ला सकती है। इसलिए अंतरिम बजट में की गई इन घोषणाओं की बिल्कुल भी कोई कीमत नहीं है। कौन इस (अंतरिम बजट) को लागू करेगा। क्या इस बजट को लागू करने के लिए नई सरकार सामने आएगी। चुनाव से पहले एक लेखानुदान रखा जाता है। 

मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, आज पेश आम बजट पूरी तरह से चुनावी बजट होकर जुमला व छलावा साबित होगा। मोदी सरकार के इस आखिरी बजट से भी अच्छे दिन की उम्मीद ख़त्म हो गयी। कार्यकाल के अंतिम समय में किसान,गरीब,मज़दूर, गौमाता की याद आई। किसानों के लिये घोषित राशि ऊंट के मुंह में ज़ीरा के समान है। 

 

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