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अंत्येष्टि में भी अंधेरगर्दी: हैदराबाद के श्मशानों में 70 हजार रुपये तक वसूल रहे दलाल, नहीं मान रहे सरकारी दरें

Thu, 20 May 2021 05:26 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 20 May 2021 05:26 PM IST
सार

कोरोना न केवल जान ले रहा है, बल्कि पीड़ित परिवार की आर्थिक रीढ़ भी तोड़ रहा है। ऐसे विपत्तिकाल में भी दलाल से लेकर जमाखोर तक सक्रिय हो गए हैं। यहां तक कि श्मशानों में भी दलाल सक्रिय नजर आ रहे हैं।

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Brokers collecting up to 70 thousand rupees in Hyderabads crematoriums, not following government rates
funeral - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हैदराबाद से आई यह खबर हैरान करने वाली है। महामारी के चलते अपने प्रियजनों को खोने वालों के साथ श्मशान में भी लूट हो रही है। मरघट के दलाल यहां भी सौदेबाजी से बाज नहीं आ रहे हैं। अंत्येष्टि के लिए 25 हजार रुपये से लेकर 70 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। 

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स्वजन की मृत्यु के बाद हर व्यक्ति चाहता है कि कम से कम उसकी अंत्येष्टि तो ढंग से हो जाए, लेकिन तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के श्मशानों में शोकाकुल लोगों के साथ अलग ही तरह की लूट हो रही है। कोरोना की दूसरी लहर के बीच जब मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ी तो श्मशानों में जगह कम पड़ने लगी। तभी मरघट के दलाल अंत्येष्टि के नाम पर भी लोगों से रुपया ऐंठने लगे। बता दें कि रूह कंपा देने वाले श्मशानों के ऐसे नजारों की कुछ तस्वीरें बीते दिनों सोशल मीडिया पर वायरल भी हुई थीं, जिनमें एक साथ कई चिताएं जलती हुई दिखाई गई थीं।  
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सरकारी नियम है कि जिस कोरोना संक्रमित की सरकारी अस्पताल में मृत्यु होगी, उसका अंतिम संस्कार मुफ्त में किया जाएगा। जिनकी मृत्यु निजी अस्पतालों में होगी उनसे श्मशानों में अंत्येष्टि के लिए 8000 रुपये से ज्यादा नहीं लिए जाएंगे। इसके बावजूद निजी अस्पतालों में मृत्यु के बाद जब परिजन श्मशान पहुंचे तो उनसे 25 से 70 हजार रुपये तक वसूले गए। चूंकि यह पैसा नकद दिया गया, इसलिए किसी रसीद का तो सवाल ही पैदा नहीं होता है। 
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पति की अंत्येष्टि के लिए मांगे 40 से 50 हजार
हैदराबाद की एक पीड़ित महिला ने बताया कि उसके पति का मई के पहले सप्ताह में गांधी अस्पताल में कोरोना से निधन हो गया था। जब वह अंत्येष्टि के लिए श्मशान पहुंची तो दलाल ने कहा कि 40 से 50 हजार रुपये लगेंगे। इतने पर भी दलाल यह बताने को तैयार नहीं हुआ कि अंत्येष्टि कहां की जाएगी। उसने यह जरूर कहा कि अंत्येष्टि के पहले हमें कई औचारिकताएं पूरी करना पड़ती हैं, इसलिए इससे कम में नहीं हो पाएगा। 

पिता की अंत्येष्टि के लिए मांगे 70 हजार
ऐसा ही एक अन्य मामले में हुआ, जब एक व्यक्ति को अपने पिता की अंत्येष्टि के लिए 70 हजार रुपये चुकाने को कहा गया। जबकि उनका निधन तो सरकारी अस्पताल में हुआ था। युसूपगुडा के रहने वाले इस व्यक्ति ने बताया कि जब हम पिता का शव लेकर श्मशान पहुंचे तो यह राशि मांगी गई। 


जिम्मेदार अधिकारी यह बोले
हैदराबाद के एलबी नगर के जोनल कमिश्नर आर. उपेंद्र ने बताया कि यह सच है कि पिछले माह तक श्मशान में 25 हजार रुपये तक वसूले जा रहे थे, लेकिन हमने हाल ही में श्मशान कर्मियों की बैठक बुलाई और उन्हें 8000 रुपये से ज्यादा नहीं लेने का निर्देश दिया है। वहीं अंत्येष्टि में मदद कर रहे एनजीओ के लोगों ने कहा कि उनके पास ऐसे लोगों के भी फोन आ रहे हैं, जिनके पास चुकाने के लिए इतना पैसा भी नहीं होता है। वह उनकी मदद करते हैं।

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