Manipur: हिंसा के दौरान उग्रवादियों ने किया स्टारलिंक सैटेलाइट उपकरणों का इस्तेमाल, ब्रिटिश समाचारपत्र का दावा
पिछले महीने सुरक्षा बलों ने इंफाल पूर्वी जिले में छापा मारकर स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट उपकरण के साथ हथियार और गोलाबारूद जब्त किया था। अखबार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत में कानूनी रूप से स्टारलिंक के संचालन की अनुमति नहीं है, लेकिन पड़ोसी देश म्यांमार में इसकी सेवा चल रही है।
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मणिपुर में जातीय हिंसा के बीच इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध को धता बताते हुए उग्रवादियों ने उस दौरान एलन मस्क के सैटेलाइट आधारित स्टारलिंक उपकरणों का इस्तेमाल किया था। एक ब्रिटिश समाचारपत्र ने पुलिस और सैन्य सूत्रों के हवाले से शुक्रवार को एक रिपोर्ट में यह दावा किया है। स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क हालांकि इस पर पहले ही अपनी सफाई दे चुके हैं कि भारत में उनकी इंटरनेट सेवा का लाइसेंस नहीं है।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने सुरक्षा बलों ने इंफाल पूर्वी जिले में छापा मारकर स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट उपकरण के साथ हथियार और गोलाबारूद जब्त किया था। अखबार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत में कानूनी रूप से स्टारलिंक के संचालन की अनुमति नहीं है, लेकिन पड़ोसी देश म्यांमार में इसकी सेवा चल रही है। मैतेई अलगाववादी समूह पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ऑफ मणिपुर के एक नेता ने इस अखबार को बताया कि उन्होंने हिंसा के समय मणिपुर में अधिकारियों द्वारा इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगाए जाने के दौरान इंटरनेट के इस्तेमाल के लिए स्टारलिंक उपकरणों का इस्तेमाल किया था। हालांकि, रिपोर्ट में इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि राज्य में कितने उग्रवादी समूहों की सैटेलाइट इंटरनेट तक पहुंच है। दरअसल चार अन्य उग्रवादी समूहों ने इस बात से इन्कार किया है कि वे इंटरनेट के लिए स्टारलिंक का उपयोग कर रहे थे।
इससे पहले दिसंबर में पुलिस ने स्टारलिंक को कानूनी नोटिस भेजकर उस डिवाइस की खरीद का विवरण मांगा था, जिसे उन्होंने तस्करों को समुद्र में 4.2 बिलियन डॉलर के मेथामफेटामाइन के साथ पकड़ा था। दिसंबर में भारतीय तटरक्षक बल ने कहा था कि उसे अंडमान निकोबार के करीब जब्त की गई एक नाव पर स्टारलिंक उपकरण मिला था, जिसका इस्तेमाल मेथामफेटामाइन की तस्करी के लिए किया जा रहा था।
गृह मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश
गृह मंत्रालय ने इस मामले में दूरसंचार विभाग को तत्काल जांच करने और उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। एक भारतीय समाचारपत्र ने इस मामले में स्टारलिंक को अपने कुछ सवाल भेजे थे, लेकिन उनके अभी जवाब नहीं मिले हैं।
एलन मस्क की सफाई...भारत में स्टारलिंक बीम नहीं करते काम
पिछले महीने इंफाल पूर्वी जिले के केराओ खुनाऊ में सुरक्षा बलों ने छापा मारकर स्टारलिंक के उपकरण बरामद किए थे। तब एलन मस्क ने इस मामले में कहा था कि भारत में स्टारलिंक की सेवा उपलब्ध नहीं है और भारत के ऊपर स्टारलिंक बीम काम नहीं करते।
कंगपोकपी एसपी कार्यालय पर हमले के बाद बढ़ाई सुरक्षा
मणिपुर पुलिस ने कंगपोकपी में एसपी ऑफिस पर हमले के बाद उसकी सुरक्षा बढ़ा दी है। इस हमले में एसपी एम प्रभाकर घायल हो गए थे और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। हमले के बाद बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। पुलिस अधीक्षक एम. प्रभाकर के कार्यालय पर भीड़ ने शुक्रवार शाम को हमला कर दिया था। भीड़ ने पत्थरों के अलावा पेट्रोल बम फेंके थे। इससे कार्यालय परिसर में रखे पुलिस वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा था। इस हमले में एसपी प्रभाकर भी चपेट में आ गए और उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। एसपी अब ठीक हैं और वर्तमान में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए संयुक्त सुरक्षा बलों का नेतृत्व कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारी, जो संघर्षों के दौरान घायल हुए थे, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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