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India-UK Ties: भारत दौरे पर पहुंचीं ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर; विजन 2035 की समीक्षा और FTA पर होगी चर्चा
Thu, 04 Jun 2026 02:13 AM IST
Pavan
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Thu, 04 Jun 2026 02:13 AM IST
सार
Yvette Cooper India Visit: ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर अपने पहले आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंचीं। वह प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात कर भारत-ब्रिटेन विजन 2035, मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए), रक्षा सहयोग, तकनीक, शिक्षा और आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगी।
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भारत दौरे पर पहुंचीं ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर अपने पहले आधिकारिक भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंच गई हैं। उनका यह दौरा भारत और ब्रिटेन के बीच बढ़ते रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा संबंधों को नई दिशा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उनका स्वागत करते हुए एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यह यात्रा भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी। दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
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पीएम मोदी और विदेश मंत्री से करेंगी मुलाकात
यवेट कूपर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगी। बैठक में वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों, आर्थिक सहयोग, रक्षा साझेदारी, तकनीकी विकास और शिक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। ब्रिटेन के उच्चायोग के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत-ब्रिटेन विजन 2035 की प्रगति की समीक्षा करना और आने वाले वर्षों के लिए सहयोग की नई प्राथमिकताएं तय करना है। इसके तहत आर्थिक विकास, तकनीक और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन तथा शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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A warm welcome to the Rt Hon Yvette Cooper, Secretary of State for Foreign and Commonwealth Affairs of the United Kingdom on her first official visit to India.
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Her visit will provide an opportunity to further strengthen the India-UK Comprehensive Strategic Partnership.
🇮🇳🇬🇧 pic.twitter.com/KIYNh7gGQi— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) June 3, 2026
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पीएम मोदी और विदेश मंत्री से करेंगी मुलाकात
यवेट कूपर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगी। बैठक में वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों, आर्थिक सहयोग, रक्षा साझेदारी, तकनीकी विकास और शिक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। ब्रिटेन के उच्चायोग के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत-ब्रिटेन विजन 2035 की प्रगति की समीक्षा करना और आने वाले वर्षों के लिए सहयोग की नई प्राथमिकताएं तय करना है। इसके तहत आर्थिक विकास, तकनीक और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन तथा शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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भारत दौरे पर पहुंचीं ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर
- फोटो : ANI
भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर होगा मंथन
उनके इस दौरे के दौरान दोनों देश हाल ही में हुए भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द लागू करने की दिशा में भी बातचीत करेंगे। जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित इस ऐतिहासिक समझौते को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में बड़ा कदम माना जा रहा है। अनुमान है कि इससे दोनों देशों के बीच वार्षिक व्यापार में 25.5 अरब पाउंड तक की बढ़ोतरी हो सकती है और दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लगभग पांच अरब पाउंड का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।
AI, स्वास्थ्य, शिक्षा से जुड़े उद्यमियों तथा विशेषज्ञों से भी मुलाकात
ब्रिटेन की भारत में उच्चायुक्त लिंडी कैमरून ने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत-ब्रिटेन साझेदारी स्थिरता और सहयोग का मजबूत आधार बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि दोनों देश भविष्य की तकनीकों, व्यापार, सुरक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। यवेट कूपर अपने दौरे के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्वास्थ्य तकनीक और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों तथा विशेषज्ञों से भी मुलाकात करेंगी। इसके अलावा वह ब्रिटिश काउंसिल के एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी, जहां शिक्षा और आर्थिक विकास के क्षेत्र में भारत-ब्रिटेन सहयोग की उपलब्धियों पर चर्चा होगी।
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भारत और ब्रिटेन के बीच रक्षा सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है। दोनों देशों ने हाल के वर्षों में 10 वर्षीय रक्षा औद्योगिक साझेदारी, सैन्य सहयोग, आतंकवाद-रोधी अभियानों और संगठित अपराध से निपटने जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया है। ऐसे में यवेट कूपर का यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उनके इस दौरे के दौरान दोनों देश हाल ही में हुए भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द लागू करने की दिशा में भी बातचीत करेंगे। जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित इस ऐतिहासिक समझौते को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में बड़ा कदम माना जा रहा है। अनुमान है कि इससे दोनों देशों के बीच वार्षिक व्यापार में 25.5 अरब पाउंड तक की बढ़ोतरी हो सकती है और दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लगभग पांच अरब पाउंड का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।
AI, स्वास्थ्य, शिक्षा से जुड़े उद्यमियों तथा विशेषज्ञों से भी मुलाकात
ब्रिटेन की भारत में उच्चायुक्त लिंडी कैमरून ने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत-ब्रिटेन साझेदारी स्थिरता और सहयोग का मजबूत आधार बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि दोनों देश भविष्य की तकनीकों, व्यापार, सुरक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। यवेट कूपर अपने दौरे के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्वास्थ्य तकनीक और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों तथा विशेषज्ञों से भी मुलाकात करेंगी। इसके अलावा वह ब्रिटिश काउंसिल के एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी, जहां शिक्षा और आर्थिक विकास के क्षेत्र में भारत-ब्रिटेन सहयोग की उपलब्धियों पर चर्चा होगी।
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भारत और ब्रिटेन के बीच रक्षा सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है। दोनों देशों ने हाल के वर्षों में 10 वर्षीय रक्षा औद्योगिक साझेदारी, सैन्य सहयोग, आतंकवाद-रोधी अभियानों और संगठित अपराध से निपटने जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया है। ऐसे में यवेट कूपर का यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।