भारत में लंबे चौड़े घोटाले कर विदेश भागने वालों पर भारत सरकार सख्त है। इन भगोड़े अपराधियों की वापसी के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं, कई मामलो में वह सफल भी रही है। चाहें बात डी-कंपनी से मशहूर अबू सालेम को भारत लाने की हो या फिर इनदिनों अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी घोटाले में फंसे क्रिश्चन मिशेल और कई बैंकों को चूना लगाकर किंग्स ऑफ गुड टाइम्स का झांसा देने वाले किंगफिशर किंग विजय माल्या की।
दुनिया के भगोड़ों को लाने की जद्दोजहद: भारत कुछ को लाया, अमेरिका को आज भी... इंतजार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रत्यर्पण के मामले में भारत की 43 देशों से संधि है
भगोड़ों को भारत ने वापस भेजा
विश्व के टॉप प्रत्यर्पण राष्ट्र में कनाडा, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, यूएई और थाइलैंड जैसे देश शामिल हैं जहां के भगोड़ों को भारत ने वापस भेजा है और उनपर केस चल रहा है। इनमें कनाडा से 4, जर्मनी से 3, दक्षिण अफ्रीका से 3, दुबई से 19 और थाइलैंड से चार लोगों को वापस भेजा गया है।
इन भगोड़ों में सबसे अधिक आरोप हत्या के हैं। हत्या के मामले में 19, आपराधिक जालसाजी के 12, आतंक के सात, मुंबई बम ब्लास्ट के तीन, शारीरिक उत्पीड़न मामले में तीन लोग शामिल हैं। इसमें 2002 से अक्तूबर 2018 तक के मामले में विजय माल्या और क्रिश्चन मिशेल को वापस लाया गया है।
मेहुल चोकसी, नीरव मोदी भी हैं भगोड़े
भारत के भगोड़े जिनमें से कुछ आए और कुछ आने हैं
अबू सालेम
प्रत्यर्पण संधि के बाद कुछ साल पहले डी कंपनी के अबू सालेम को वापस भारत लाया गया। अबू सलेम डी कंपनी यानि दाऊद इब्राहिम के साथ मिलकर 50 से अधिक संगीन अपराधों में शामिल रहा है। यहां तक की 1993 में हुए मुंबई ब्लास्ट मामले में भी अबू सलेम का नाम शामिल था। यहां तक की सालेम का नाम टी-सीरीज के फाउंडर गुलशन कुमार की हत्या के मामले में भी रहा है। अबू का प्रत्यर्पण उसकी फ्रेंड और अभिनेत्री रही मोनिका बेदी के साथ पुर्तगाल से कराया गया था।
दोनों को पुर्तगाल से भारत लाया गया था। फिलहाल अबू सलेम 25 साल की सजा का काट रहा है और वह नवी मुंबई की तलोजा जेल में है। उसने लिसबन सरकार को उसे भारत से वापस बुलाने के लिए आवेदन भी किया है। जबकि भारतीय सरकार और अथॉरिटी ने इस पूरे मामले को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत सरकार का कहना है कि जब तक अबू अपनी जेल की सजा काट नहीं लेते उन्हें वापस नहीं भेजा जाएगा।