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मुंबई की कामकाजी महिलाओं को जल्द ही मिलेगा पहला वर्किंग वुमेन हॉस्टल
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
Updated Thu, 28 Sep 2017 09:37 AM IST
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कामकाजी महिलाएं
- फोटो : social media
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मुंबई में रहने वाली कामकाजी महिलाओं के लिए खुशखबरी है। बृहनमुंबई नगरपालिका गोरेगांव में पहला वर्किंग वुमेन हॉस्टल बनाने जा रही है। नगरपालिका वेलफेयर डेवल्पमेंट प्लानिंग की योजना यह बिल्डिंग 2034 तक मुंबई के कई इलाकों में हॉस्टल बनाने की है।
इस प्रोजेक्ट को बनाने के लिए निगम को 8 से 10 साल पुराने बड़े पेड़ों को काटना पड़ सकता है। प्लानिंग डिपार्टमेंट के अधिकारी ने बताया कि पेड़ काटने के नाम पर उस इलाके में रहने वाले गुस्सा हो गए थे, लेकिन इस बार उनके पास कोई च्वायस नहीं है। अधिकारी ने बताया कि पेड़ों का काटना दुखद है लेकिन महिलाओं का हॉस्टल बनाने के लिए हमें उन पेड़ों का काटना होगा।
अधिकारी ने बताया कि पेड़ों को बचाने के लिए बीएमसी के अधिकारियों ने पहले काफी कोशिश की थी लेकिन बात नहीं बन सकी। बीएमसी को अगस्त में इस प्लॉट का अधिकार मिला था। पिछले कई वर्षों से इस प्लॉट पर पास की हाउसिंग सोसाइटी और बीएमसी के बीच केस चल रहा था।
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अधिकारियों ने बताया कि इस प्लॉट पर हाउसिंग सोसाइटी का कब्जा था। सोसाइटी पेड़ बचाने और हॉस्टल न बनने देने के एवज में मामले को कोर्ट ले गया था मामला कई वर्षों तक कोर्ट में था। हाईकोर्ट ने बीएमसी को निर्देश दिया था कि इस भूमि को नहीं छूना है। अगस्त महीने में केस बीएमसी जीत गया और अब जल्द से जल्द इसपर हॉस्टल का काम शुरू किया जाएगा।
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इस प्रोजेक्ट को बनाने के लिए निगम को 8 से 10 साल पुराने बड़े पेड़ों को काटना पड़ सकता है। प्लानिंग डिपार्टमेंट के अधिकारी ने बताया कि पेड़ काटने के नाम पर उस इलाके में रहने वाले गुस्सा हो गए थे, लेकिन इस बार उनके पास कोई च्वायस नहीं है। अधिकारी ने बताया कि पेड़ों का काटना दुखद है लेकिन महिलाओं का हॉस्टल बनाने के लिए हमें उन पेड़ों का काटना होगा।
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अधिकारी ने बताया कि पेड़ों को बचाने के लिए बीएमसी के अधिकारियों ने पहले काफी कोशिश की थी लेकिन बात नहीं बन सकी। बीएमसी को अगस्त में इस प्लॉट का अधिकार मिला था। पिछले कई वर्षों से इस प्लॉट पर पास की हाउसिंग सोसाइटी और बीएमसी के बीच केस चल रहा था।
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अधिकारियों ने बताया कि इस प्लॉट पर हाउसिंग सोसाइटी का कब्जा था। सोसाइटी पेड़ बचाने और हॉस्टल न बनने देने के एवज में मामले को कोर्ट ले गया था मामला कई वर्षों तक कोर्ट में था। हाईकोर्ट ने बीएमसी को निर्देश दिया था कि इस भूमि को नहीं छूना है। अगस्त महीने में केस बीएमसी जीत गया और अब जल्द से जल्द इसपर हॉस्टल का काम शुरू किया जाएगा।