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Bullet Train: बुलेट ट्रेन के लिए कोलक नदी पर पुल तैयार, आगे भी तेजी से चल रहा काम; जानिए कब तक दाैड़ेगी यह रेल

Tue, 16 Jul 2024 05:27 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: बशु जैन Updated Tue, 16 Jul 2024 05:27 PM IST
सार

देश की पहली बुलेट ट्रेन 2022 तक चलाए जाने का लक्ष्य था। जमीन अधिग्रहण और टेंडर की देरी की वजह से अब इसके 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। पहली बुलेट ट्रेन सूरत से बिलमोरा के बीच चलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसे लेकर काम तेज कर दिया गया है।

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Bridge over Kolak river completed for run bullet train
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत चलता पुल निर्माण का काम - फोटो : amarujala.com

विस्तार

मुंबई से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन दौड़ाने के लिए काम तेजी से चल रहा है। नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएसएसआरसीएल) ने गुजरात के वलसाड जिले में कोलक नदी पर 160 मीटर लंबे पुल का निर्माण पूरा कर लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक 508 किमी लंबे इस कॉरिडोर में अब तक 24 नदी पुल में से नौ का निर्माण कर लिया गया है। पहली बुलेट ट्रेन 2026 तक दौड़ाने की तैयारी है। 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जुलाई 2017 को गुजरात में अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना की शुरुआत की थी। इसके तहत मुंबई से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन दौड़ेगी। इस ट्रेन से दोनों शहरों के बीच 508 किमी का सफर साढ़े तीन घंटे में तय होगा। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की लागत करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये  है। इसमें 10 हजार करोड़ रुपये केंद्र सरकार खर्च करेगी। महाराष्ट्र और गुजरात सरकार 5 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी। बाकी की रकम जापान 0.1 प्रतिशत की ब्याज पर देगा। देश की पहली बुलेट ट्रेन 2022 तक चलाए जाने का लक्ष्य था। जमीन अधिग्रहण और टेंडर की देरी की वजह से अब इसके 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। पहली बुलेट ट्रेन सूरत से बिलमोरा के बीच चलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसे लेकर काम तेज कर दिया गया है।
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हाल ही में नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने गुजरात की कोलक नदी पर पुल का निर्माण पूरा किया है। इस नदी पर वापी और बिलमोरा के बीच 40 मीटर लंबे गर्डर रखे गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि कोलक नदी वाल्वेरी के पास सतपुड़ा की पहाडि़यों से निकलती है और अरब सागर में मिल जाती है। इस नदी की वापी स्टेशन से दूरी सात किमी और बिलमोरा स्टेशन से दूरी 43 किमी है। अफसरों का कहना है कि वलसाड में पार और औरंगा, नवसारी में पूर्णा, मिंधोला, अंबिका और वेंगानिया, खेड़ा में मोहर और वड़ोदरा में धाधर नदी पर पुल बन चुके हैं। नर्मदा, ताप्ती, माही और साबरमती नदी पर पुल का निर्माण चल रहा है।  

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12 स्टेशन बनाए जाएंगे
अफसरों ने बताया कि 508 किमी के कॉरिडोर में 12 स्टेशन बनेंगे। इनमें आठ स्टेशन गुजरात और चार महाराष्ट्र में होंगे। गुजरात में साबरमती, अहमदाबाद, आनंद, वड़ोदरा, भरूच, सूरत, बिलमोरा और महाराष्ट्र में बासर, विरार, ठाणे और मुंबई में स्टेशन बनेंगे। स्टेशनों के निर्माण का काम भी तेज रफ्तार से चल रहा है। गुजरात के आठ स्टेशन में फाउंडेशन बन चुका है। 



पहाड़ी सुरंग का निर्माण पूरा
अफसरों ने बताया कि वलसाड के जरौली गांव में 350 मीटर लंबी पहाड़ी सुरंग का काम पूरा हो गया है। वहीं समुद्र के अंदर बनने वाली देश की पहली सात किमी लंबी सुरंग का काम भी शुरू हो गया है। एनएचएसआरसीएल के अनुसार महाराष्ट्र के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और शिलफाटा के बीच 21 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जानी है।

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