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BRICS: ब्रिक्स बैठक में पश्चिम एशिया संघर्ष पर नहीं बनी आम सहमति, जारी किया गया ‘चेयर स्टेटमेंट’
Sun, 26 Apr 2026 09:53 PM IST
Rahul Kumar
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar
Updated Sun, 26 Apr 2026 09:53 PM IST
सार
पिछले हफ्ते नई दिल्ली में हुई ब्रिक्स समूह की बैठक के दौरान, ईरान पर अमेरिका-इस्राइल युद्ध को लेकर सदस्य देशों के बीच गहरे मतभेदों के कारण सहमति नहीं बन पाई। भारत इस मुद्दे पर आम राय बनाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वह विफल रहा।
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BRICS
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ब्रिक्स देशों के बीच पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर मतभेद सामने आए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर सदस्य देशों के अलग-अलग रुख के कारण सहमति नहीं बन सकी। पिछले हफ्ते नई दिल्ली में ब्रिक्स के उप विदेश मंत्रियों और विशेष दूतों की बैठक हुई थी। इसमें भारत ने साझा रुख बनाने की कोशिश की, लेकिन मतभेदों के चलते यह संभव नहीं हो पाया।
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ईरान भी ब्रिक्स का हिस्सा
सूत्रों ने बताया कि फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है। चूंकि पश्चिम एशिया संघर्ष पर आम राय नहीं बन पाई, इसलिए चर्चा के अंत में अध्यक्ष का बयान जारी किया गया।गौरतलब है कि इस समय ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है। 14-15 जून को विदेश मंत्रियों का सम्मेलन बुलाया गया है। इसके बाद सितंबर में ब्रिक्स राष्ट्राध्यक्षों का सम्मेलन होना है। ब्रिक्स के मौजूदा 11 सदस्यों में ईरान भी है। वह चाहता है कि अमेरिकी हमले की निंदा ब्रिक्स के मंच से हो, लेकिन ब्रिक्स के देश इस मुद्दे पर बंटे हुए हैं।
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सदस्य देशों के रुख में गहरे मतभेद
सूत्रों ने बताया कि मध्य-पूर्व पर ब्रिक्स अधिकारियों की बैठक में कोई आम सहमति वाला दस्तावेज तैयार नहीं हो सका, क्योंकि संघर्ष में शामिल सदस्य देशों के रुख में गहरे मतभेद थे। इस संघर्ष पर संयुक्त अरब अमीरात के रुख के कारण, बैठक बिना किसी सामूहिक बयान के ही समाप्त हो गई। बाकी सभी सदस्यों द्वारा मतभेदों को दूर करने के प्रयास सफल नहीं हो पाए। फलस्तीन मुद्दे पर, भारत ने इसी साल जनवरी में ही अरब लीग के साथ मिलकर एक आम सहमति वाला रुख अपनाया था।
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भारत ने दो-राष्ट्र समाधान के प्रति अपने समर्थन को लेकर हमेशा स्पष्ट रुख अपनाया है। सूत्रों के अनुसार, ब्रिक्स के उप विदेश मंत्रियों और विशेष दूतों की बैठक बाद फलस्तीन मुद्दे पर भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।शुक्रवार को हुई ब्रिक्स बैठक के बाद, विदेश मंत्रालय ने कहा कि सदस्य देशों ने मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की और इस मामले पर अपने विचार तथा आकलन प्रस्तुत किए।