कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए ब्राजील ने मिलाया भारत से हाथ
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कृषि क्षेत्र में व्याप्त संकट को दूर करने के लिए दुनिया के दो दिग्गज कृषि प्रधान देश भारत और ब्राजील ने हाथ मिलाया है। दोनों देश मिलकर कृषि क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने का प्रयास करेंगे। दोनों ही देशों की वैश्विक चीनी बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका है। इनके साथ आने से किसानों की तकदीर भी संवरेगी।
ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने आए ब्राजील के कृषि मंत्री ब्लेयरो मैगी ने कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह से मुलाकात कर कृषि क्षेत्र की चुनौतियों के साझा मुकाबला करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। राधा मोहन ने मैगी के समक्ष गन्ना किसानों के संकट को रखा।
मैगी ने स्वीकार किया कि दोनों देशों की वैश्विक चीनी बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका है और यदि संयुक्त रणनीति के साथ दोनों ही आगे बढ़ें तो भारत और ब्राजील दोनों ही देशों के गन्ना किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिल सकता है।
तकनीक के आदान प्रदान की भी सहमति बनी
दोनों देशों के बीच तकनीक के आदान प्रदान की भी सहमति बनी है। भारतीय पशुओं में नस्ल सुधार का कार्य ब्राजील के पशुधन का मुख्य आधार है। दोनों देशों के बीच इस मामले में जल्द ही एक समझौता होगा।
दोनों देश के कृषि मंत्री आपसी चर्चा में इस बात पर सहमत हुए कि व्यापार को बढ़ावा देने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए दोनों को मिलकर कार्य करना चाहिए। दोनों ने उम्मीद जताई है कि यदि वे मिलकर साथ चलते हैं तो दोनों ही देश के किसानों को लाभ होगा। किसानों की तकदीर बदलने के लिए दोनों देशों के बीच बेहतर संबंध जरूरी हैं।