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चिंताजनक: वायु प्रदूषण-गर्मी से बढ़े ब्रेन स्ट्रोक के मामले, दुनिया में ऐसे लोगों की संख्या 1.19 करोड़ पहुंची

Sun, 22 Sep 2024 06:41 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 22 Sep 2024 06:41 AM IST
सार

इंजरीज एंड रिस्क फैक्टर्स स्टडी (जीबीडी) टीम के शोधकर्ताओं के अनुसार, पहली बार पाया गया कि पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) यानी वायु प्रदूषण मस्तिष्क रक्तस्राव के लिए धूम्रपान जितना ही घातक है। जीबीडी के अध्ययन में विभिन्न जगहों और समय के साथ स्वास्थ्य को होने वाली हानि को मापने का सबसे बड़ा और सबसे व्यापक प्रयास किया गया।

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Brain stroke cases increasing due to air pollution and heat 44 percent deaths recorded in 34 years
वायु प्रदूषण (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई

विस्तार

पहली बार वायु प्रदूषण को ब्रेन स्ट्रोक का जिम्मेदार पाया गया है। लैंसेट में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, दुनियाभर में स्ट्रोक या आघात लगने से और उससे संबंधित मौतों की घटनाएं काफी बढ़ रही हैं। इसके लिए वायु प्रदूषण, अधिक तापमान, उच्च रक्तचाप और शारीरिक निष्क्रियता जैसे चयापचय संबंधी खतरे जिम्मेदार हैं।

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स्ट्रोक के कारण स्वास्थ्य का खराब होना और समय से पहले मृत्यु में भयंकर गर्मी की भूमिका 1990 के बाद से 72 फीसदी बढ़ गई है और भविष्य में इसके और अधिक बढ़ने के आसार हैं।
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धूम्रपान जैसा घातक है वायु प्रदूषण
ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज, इंजरीज एंड रिस्क फैक्टर्स स्टडी (जीबीडी) टीम के शोधकर्ताओं के अनुसार, पहली बार पाया गया कि पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) यानी वायु प्रदूषण मस्तिष्क रक्तस्राव के लिए धूम्रपान जितना ही घातक है। जीबीडी के अध्ययन में विभिन्न जगहों और समय के साथ स्वास्थ्य को होने वाली हानि को मापने का सबसे बड़ा और सबसे व्यापक प्रयास किया गया।
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34 वर्षों के दौरान मौतों में दर्ज की गई 44 फीसदी की वृद्धि
दुनियाभर में पहली बार स्ट्रोक वाले लोगों की संख्या 2021 में बढ़कर 1.19 करोड़ हो गई, जो 1990 से 70 फीसदी अधिक है, जबकि स्ट्रोक से संबंधित मौतें बढ़कर 73 लाख हो गईं। यह संख्या 1990 से 44 फीसदी अधिक है। इस प्रकार इस्केमिक हृदय रोग या हृदय को खून की कम आपूर्ति और कोविड-19 के बाद न्यूरोलॉजिकल समस्या मृत्यु का तीसरा प्रमुख कारण बन गई है। स्ट्रोक से प्रभावित तीन चौथाई से अधिक लोग कम और मध्यम आय वाले देशों में रहते हैं।


अच्छे खानपान से सुधार सकते हैं स्वास्थ्य
शोधकर्ताओं ने खराब आहार व धूम्रपान से जुड़े खतरों से दुनियाभर में स्ट्रोक के मामलों को कम करने में हुई प्रगति को भी स्वीकार किया। उन्होंने पाया कि प्रसंस्कृत मांस कम खाने की वजह से खराब स्वास्थ्य वाले लोगों की संख्या में 40% की कमी आई। इसी तरह ज्यादा हरी सब्जी सेवन करने वाले 30% लोगों की सेहत सुधरी।

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