Brahma Kumari: ब्रह्मकुमारी की राजयोगिनी दादी जानकी ने 104 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
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आध्यात्मिक संगठन ब्रह्माकुमारी संस्था की मुख्य प्रशासिका और स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड एंबेसेडर राजयोगिनी दादी जानकी का निधन हो गया है। वे 104 साल की थीं। उन्होंने माउंट आबू के ग्लोबल हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। जानकारी के मुताबिक उन्होंने शुक्रवार तड़के अंतिम सांस ली।
दादी जानकी देवी के ट्वीटर हैंडल से ट्वीट कर बताया गया, 'प्रिय मित्रों, प्यार भरे विचारों के साथ, हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि हमारी प्रिय दादी जानकी, ब्रह्म कुमारी की आध्यात्मिक प्रमुख का 27 मार्च को प्रात: दो बजे निधन हो गया है।'
Dear friends,
With loving thoughts, we wish to inform you that our beloved Dadi Janki, Spiritual Head of the Brahma Kumaris, passed on from this physical life, at 2am, India time on Friday 27th March. pic.twitter.com/fag6ZyRCubविज्ञापन विज्ञापन— Dadi Janki (@DadiJanki) March 26, 2020
राजयोगिनी दादी जानकी को मोस्ट स्टेबल माइंड इन वर्ल्ड का खिताब मिल चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दादी जानकी का अंतिम संस्कार दोपहर 3.30 बजे ब्रह्माकुमारी संस्थान के शांतिवन में किया जाएगा।
दुनियाभर में दादी के नाम से मशहूर राजयोगिनी दादी जानकी का जन्म आजादी के पहले भारत के हैदराबाद सिंध प्रांत में 1 जनवरी 1916 को हुआ था जो अब पाकिस्तान में चला गया है। दादी जानकी ने 21 साल की उम्र में ही आध्यात्मिक पथ पर चलने का निर्णय ले लिया था।
दादी जानकी ने मात्र चौथी कक्षा तक ही पढ़ाई की थी। बचपन से भक्ति भाव के संस्कार में पली बढ़ी दादी ने योग के जरिए विश्व के 140 से अधिक देशों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इस संस्था के साथ वो 1937 में जुड़ी थीं।
साल 1970 में उन्होंने भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और राजयोग का संदेश देने के लिए पश्चिमी देशों का रुख किया था। उन्होंने विश्व के 140 देशों में ब्रह्माकुमारी केंद्रों की स्थापना की। इस दौरान उन्होंने लाखों लोगों के अंदर आध्यात्मिक चिंतन की इच्छा और मानव संस्कार के बीज बोए।