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Development: सीमावर्ती गांव सुविधा सुरक्षा से लैस होंगे; 'वाइब्रेंट विलेज' पर 1,050 करोड़ होंगे खर्च
Thu, 25 Jul 2024 07:30 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
अमर उजाला, ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला, ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Thu, 25 Jul 2024 07:30 AM IST
सार
चीन की सीमा से सटे गांव सुरक्षा से लैस होंगे। केंद्र सरकार ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम (वीवीपी) के लिए 1,050 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
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चीन सीमा
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्र सरकार का चीन सीमा पर सुदूर क्षेत्रों में स्थित गांवों के समग्र विकास पर फोकस बना हुआ है। आम बजट में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम (वीवीपी) के लिए 1,050 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के 19 जिलों के चुनिंदा गांवों को लाभ मिलेगा।
सरकार ने 15 फरवरी, 2023 को उत्तरी सीमा से सटे 46 ब्लॉकों के इन गांवों के विकास के लिए 2022-23 से 2025-26 के लिए 4,800 करोड़ रुपये के खर्च के साथ वीवीपी को केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में मंजूरी दी थी। बजट में 2024-25 के लिए वीवीपी के लिए 1,050 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वीवीपी का उद्देश्य इन गांवों का समग्र विकास करना है, ताकि लोगों के जीवनस्तर में सुधार हो सके और पलायन की प्रवृत्ति पर रोक लग सके।
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सरकार ने 15 फरवरी, 2023 को उत्तरी सीमा से सटे 46 ब्लॉकों के इन गांवों के विकास के लिए 2022-23 से 2025-26 के लिए 4,800 करोड़ रुपये के खर्च के साथ वीवीपी को केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में मंजूरी दी थी। बजट में 2024-25 के लिए वीवीपी के लिए 1,050 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वीवीपी का उद्देश्य इन गांवों का समग्र विकास करना है, ताकि लोगों के जीवनस्तर में सुधार हो सके और पलायन की प्रवृत्ति पर रोक लग सके।
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