कर्नाटक: ठेकेदार से जुड़ी संपत्तियों से बरामद 'अवैध धन' पर बोले बोम्मई- जांच करे ED-CBI, भ्रष्टाचार हो रहा
Karnataka: पूर्व मुख्यमंत्री बोम्मई की सरकार पर ठेकेदारों ने उनसे चालीस फीसदी कमीशन लेने का आरोप लगाया था। अब, वह ठेकेदार संघ को कांग्रेस सरकार का कमीशन संग्रह केंद्र करार दे रहे हैं।
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भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने शनिवार को कांग्रेस सरकार और कुछ ठेकेदारों पर मिलकर राज्य को लूटने का आरोप लगाया और आयकर विभाग की तलाशी के दौरान बरामद अवैध धन की ईडी और सीबीआई जांच की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री बोम्मई की सरकार पर ठेकेदारों ने उनसे चालीस फीसदी कमीशन लेने का आरोप लगाया था। अब, वह ठेकेदार संघ को कांग्रेस सरकार का कमीशन संग्रह केंद्र करार दे रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि आयकर अधिकारियों ने कुछ ठेकेदारों की संपत्तियों की तलाशी ली, जहां उन्होंने शहर के एक ठेकेदार से जुड़ी संपत्तियों में कई बक्सों में छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में धन बरामद किया।
जब्ती का जिक्र करते हुए बोम्मई ने आरोप लगाया कि नई सरकार के सत्ता में आने के बाद से अधिकारियों के तबादले सहित हर चीज में भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर कर्नाटक को लूटने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार कहा कि वह पांच राज्यों के आगामी चुनावों के लिए धन मुहैया कराने के लिए कांग्रेस पार्टी का एटीएम बन गई है।
बोम्मई ने दावा किया, 'यह कर्नाटक की अब तक की सबसे भ्रष्ट सरकार है।' उन्होंने कहा, 'भ्रष्टाचार गांव से लेकर विधान सौध तक देखा जाता है और यह खुलेआम चल रहा है।' नकदी की जब्ती के बारे में उन्होंने कहा, 'यह पहली बार है कि ठेकेदारों को लंबित बिल के पैसे जारी करने के तुरंत बाद किसी ठेकेदार से जुड़े घर से भारी मात्रा में राशि बरामद की गई है।'
उन्होंने दावा किया, 'इससे साबित हो गया है कि सरकार को बिलों को मंजूरी देने के लिए 10 फीसदी कमीशन मिला। अगर कुछ और ठेकेदारों पर छापे मारे जाते हैं तो अधिक कमीशन राशि सामने आएगी।'
यहां संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार संघ ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के खिलाफ निराधार आरोप लगाए थे और वही संघ अब 'सरकार के कमीशन संग्रह केंद्र' के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने कहा, 'ठेकेदारों की लॉबी काम कर रही है... कुछ ठेकेदार और सरकार मिलकर राज्य को लूट रहे हैं।' उन्होंने दावा किया, 'हाल ही में धन की बरामदगी की जांच ईडी द्वारा धन शोधन अधिनियम और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत सीबीआई द्वारा की जानी चाहिए।'
उन्होंने आगे कहा कि अगर मुख्यमंत्री की इसमें कोई भूमिका नहीं है, तो उन्हें इस मामले को लोकायुक्त या खुद सिद्धारमैया द्वारा गठित न्यायमूर्ति नागमोहन दास आयोग के पास भेजना चाहिए, जो इस आरोप की जांच कर रहा है कि पिछली भाजपा सरकार ने ठेकेदारों से 40 फीसदी कमीशन एकत्र किया था या नहीं। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं पर पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए 'एटीएम की तरह काम करने' का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें भ्रष्टाचार के बारे में बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।