{"_id":"5c62e196bdec22123976216b","slug":"bombay-high-court-sent-notice-to-son-of-manohar-parikar","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंबई हाई कोर्ट ने जंगल नष्ट करने के मामले में मनोहर परिकर के बेटे को भेजा नोटिस","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बंबई हाई कोर्ट ने जंगल नष्ट करने के मामले में मनोहर परिकर के बेटे को भेजा नोटिस
Tue, 12 Feb 2019 09:06 PM IST
Nilesh Kumar
भाषा, पणजी
भाषा, पणजी
Published by: Nilesh Kumar
Updated Tue, 12 Feb 2019 09:06 PM IST
विज्ञापन
bombay high court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंबई उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने एक जनहित याचिका पर मुख्यमंत्री मनोहर परिकर के बेटे अभिजात को मंगलवार को नोटिस जारी किया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वह अपनी पर्यावरण-पर्यटन परियोजना के लिए वन क्षेत्र को नष्ट कर रहे हैं।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति महेश सोनक और न्यायमूर्ति पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ ने अभिजात और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों समेत अन्य को नोटिस जारी कर 11 मार्च तक जवाब देने को कहा है।
विज्ञापन
स्थानीय नि़वासी अभिजीत सत्यवान देसाई और प्रकाश भगत की ओर से दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि अभिजात की स्वामित्व वाली कंपनी ‘हाइडवे हॉस्पिटेलिटी’ द्वारा वन को नष्ट किया जा रहा है, खासतौर पर, संगेम तालुका के नेत्रावली गांव में नेत्रवाली वन्यजीव अभयारण्य से सटे अधिसूचित पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र में वन को नष्ट किया जा रहा है।
विज्ञापन
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव, गोवा के मुख्य सचिव, गोवा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक, राज्य पर्यावरण संवेदनशील ज़ोन प्रबंधन समिति समेत अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं।