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हाईकोर्ट ने कहा: समीर वानखेड़े सरकारी अफसर, कोई भी कर सकता है उनके काम की समीक्षा
Wed, 10 Nov 2021 09:27 PM IST
Amit Mandal
एजेंसी, मुंबई।
एजेंसी, मुंबई।
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 10 Nov 2021 09:27 PM IST
सार
उद्धव सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने कई बार प्रेस कांफ्रेंस कर समीर वानखेड़े पर कई संगीन आरोप लगाए हैं।
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sameer wankhede
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े सरकारी अधिकारी हैं और कोई भी उनके कामकाज की समीक्षा कर सकता है। वानखेड़े के पिता की ओर से एनसीपी नेता नवाब मलिक के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह टिप्पणी की।
समीर वानखेड़े के पिता ध्यानदेव वानखेड़े ने मलिक से 1.25 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि और वानखेड़े परिवार के खिलाफ भविष्य में कोई भी फर्जी या गलत टिप्पणी करने से रोकने के लिए कोर्ट से आदेश की मांग की है। उद्धव सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने कई बार प्रेस कांफ्रेंस कर समीर वानखेड़े पर कई संगीन आरोप लगाए हैं। इनमें से एक सरकारी नौकरी पाने के लिए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप भी शामिल है।
सुनवाई के दौरान ध्यानदेव वानखेड़े के अधिवक्ता अरशद शेख ने सवाल किया कि समीर को ऐसे शख्स को स्पष्टीकरण क्यों देना चाहिए जो सिर्फ एक विधायक है, कोई अदालत नहीं। इस पर जस्टिस माधव जामदार ने कहा, आप सरकारी अधिकारी हैं। आपको सिर्फ इतना साबित करना है कि ट्वीट (मलिक द्वारा किए गए ट्वीट) पहली नजर में गलत हैं। आपके पुत्र सिर्फ एक व्यक्ति नहीं हैं बल्कि वह एक सरकारी अधिकारी हैं और जनता का कोई भी सदस्य उनकी समीक्षा कर सकता है।
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समीर वानखेड़े के पिता ध्यानदेव वानखेड़े ने मलिक से 1.25 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि और वानखेड़े परिवार के खिलाफ भविष्य में कोई भी फर्जी या गलत टिप्पणी करने से रोकने के लिए कोर्ट से आदेश की मांग की है। उद्धव सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने कई बार प्रेस कांफ्रेंस कर समीर वानखेड़े पर कई संगीन आरोप लगाए हैं। इनमें से एक सरकारी नौकरी पाने के लिए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप भी शामिल है।
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सुनवाई के दौरान ध्यानदेव वानखेड़े के अधिवक्ता अरशद शेख ने सवाल किया कि समीर को ऐसे शख्स को स्पष्टीकरण क्यों देना चाहिए जो सिर्फ एक विधायक है, कोई अदालत नहीं। इस पर जस्टिस माधव जामदार ने कहा, आप सरकारी अधिकारी हैं। आपको सिर्फ इतना साबित करना है कि ट्वीट (मलिक द्वारा किए गए ट्वीट) पहली नजर में गलत हैं। आपके पुत्र सिर्फ एक व्यक्ति नहीं हैं बल्कि वह एक सरकारी अधिकारी हैं और जनता का कोई भी सदस्य उनकी समीक्षा कर सकता है।
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