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Bombay High Court: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल देशमुख की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

Wed, 28 Sep 2022 05:55 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 28 Sep 2022 05:55 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट से महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की जमानत याचिका पर एक हफ्ते के भीतर सुनवाई करने और उस पर तेजी से फैसला करने को कहा था।

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Bombay High Court reserves order on bail plea of former Maharashtra minister Anil Deshmukh in money laundering
अनिल देशमुख - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में आज सुनवाई पूरी हो गई है। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार राकांपा नेता अनिल देशमुख की जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू की थी।

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दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हाईकोर्ट को निर्देश दिया था कि वह देशमुख की जमानत याचिका पर तेजी से फैसला करे, क्योंकि यह मार्च 2022 से लंबित है। तब से हाईकोर्ट के चार न्यायाधीशों रेवती मोहिते डेरे, पीडी नाइक, भारती डांगरे और पी के चव्हाण ने पूर्व मंत्री की जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर चुके हैं। मंगलवार को न्यायमूर्ति एन जे जमादार की एकल पीठ ने जमानत याचिका पर सुनवाई की। देशमुख के वकीलों ने अपनी दलीलें पूरी कीं। इसके बाद बुधवार को अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय के वकील की दलीलें सुनीं। 
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पूर्व मंत्री के वकील विक्रम चौधरी ने मंगलवार को तर्क दिया कि यह एक ओपन और शट केस नहीं बल्कि यह एक विचार था। चौधरी ने तर्क दिया कि इस मामले में मुद्दे बेहद व्यापक क्षेत्र में हैं और सुनवाई एक लंबी प्रक्रिया होने जा रही है। इस मामले में जो दिखता है, उससे कहीं अधिक है। अदालत को जमानत पर समग्र दृष्टिकोण से विचार करना चाहिए और आवेदक का कोई पुराना इतिहास नहीं है, उसे एक दिन और जेल में क्यों भुगतना चाहिए? उन्होंने अदालत को बताया कि कि देशमुख 72 वर्ष के हैं और फेफड़े और रीढ़ की बीमारियों सहित विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं और यह उन पर भारी पड़ रहा है।

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दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट से महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की जमानत याचिका पर एक हफ्ते के भीतर सुनवाई करने और उस पर तेजी से फैसला करने को कहा था। देशमुख अभी 100 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामले में जेल में बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा देशमुख की जमानत याचिका पर फैसला नहीं करने और उसे लंबित रखने पर नाराजगी व्यक्त की थी।

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