{"_id":"69131691393dd497750988c8","slug":"bombay-high-court-now-live-streaming-of-hearings-only-with-judge-approval-cji-concerns-over-fake-videos-2025-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bombay High Court: अब जज की मंजूरी पर ही सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग, CJI की फर्जी वीडियो पर चिंता के बीच फैसला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Bombay High Court: अब जज की मंजूरी पर ही सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग, CJI की फर्जी वीडियो पर चिंता के बीच फैसला
Tue, 11 Nov 2025 04:27 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Tue, 11 Nov 2025 04:27 PM IST
सार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को नोटिस जारी करते हुए कहा कि अब अदालत की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग तभी होगी जब संबंधित जज इसकी मंजूरी देंगे। यह कदम सीजेआई बीआर गवई की उस चिंता के बीच आया है जिसमें उन्होंने एक फर्जी वीडियो के वायरल होने पर नाराजगी जताई थी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अदालत की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग को लेकर नया निर्देश जारी किया है। अदालत ने कहा है कि अब किसी भी सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग तभी होगी जब संबंधित पीठ के जज इसकी अनुमति देंगे। यह फैसला न्यायिक पारदर्शिता और अनुशासन के बीच संतुलन बनाने के लिए उठाया गया कदम माना जा रहा है।
सोमवार को जारी नोटिस में कहा गया कि अदालत के जज को ही यह अधिकार होगा कि वे कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग और उसकी रिकॉर्डिंग की प्रतियां देने की मंजूरी दें। “बॉम्बे हाईकोर्ट लाइव स्ट्रीमिंग एंड रिकॉर्डिंग ऑफ कोर्ट प्रोसीडिंग्स रूल्स” के तहत सभी सुनवाई केवल जज या जजों की सहमति पर ही प्रसारित की जा सकेंगी।
सीजेआई की चिंता का संदर्भ
यह नोटिस उस दिन सामने आया जब भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने एक फर्जी वीडियो पर चिंता जताई थी। सोशल मीडिया पर एक ऐसा मॉर्फ्ड वीडियो वायरल हुआ था जिसमें गलत तरीके से जज की अदालत में जूता फेंके जाने का दृश्य दिखाया गया था। इस घटना ने न्यायिक कार्यवाही की डिजिटल सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- दिल्ली बम धमाका: हमले में इस्तेमाल की गई कार के 11 घंटे का रूट पता चला, पुलिस को मिली बड़ी सफलता
हाईकोर्ट में स्ट्रीमिंग की शुरुआत
बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस साल जुलाई में पहली बार पांच बेंचों से सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की थी। इसका उद्देश्य न्यायिक पारदर्शिता बढ़ाना और जनता को अदालत की प्रक्रिया से जोड़ना था। हालांकि, कुछ बेंचों ने लाइव जाने से परहेज किया जबकि कुछ सिंगल बेंचों ने अपनी कार्यवाही प्रसारित करनी शुरू की।
वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट पिछले साल से अपनी सभी अदालतों की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट की यह पहल न्यायिक पारदर्शिता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी गई थी, जिसके बाद कई हाईकोर्ट्स ने भी इस प्रक्रिया को अपनाना शुरू किया।
विज्ञापन
सोमवार को जारी नोटिस में कहा गया कि अदालत के जज को ही यह अधिकार होगा कि वे कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग और उसकी रिकॉर्डिंग की प्रतियां देने की मंजूरी दें। “बॉम्बे हाईकोर्ट लाइव स्ट्रीमिंग एंड रिकॉर्डिंग ऑफ कोर्ट प्रोसीडिंग्स रूल्स” के तहत सभी सुनवाई केवल जज या जजों की सहमति पर ही प्रसारित की जा सकेंगी।
विज्ञापन
सीजेआई की चिंता का संदर्भ
यह नोटिस उस दिन सामने आया जब भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने एक फर्जी वीडियो पर चिंता जताई थी। सोशल मीडिया पर एक ऐसा मॉर्फ्ड वीडियो वायरल हुआ था जिसमें गलत तरीके से जज की अदालत में जूता फेंके जाने का दृश्य दिखाया गया था। इस घटना ने न्यायिक कार्यवाही की डिजिटल सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- दिल्ली बम धमाका: हमले में इस्तेमाल की गई कार के 11 घंटे का रूट पता चला, पुलिस को मिली बड़ी सफलता
हाईकोर्ट में स्ट्रीमिंग की शुरुआत
बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस साल जुलाई में पहली बार पांच बेंचों से सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की थी। इसका उद्देश्य न्यायिक पारदर्शिता बढ़ाना और जनता को अदालत की प्रक्रिया से जोड़ना था। हालांकि, कुछ बेंचों ने लाइव जाने से परहेज किया जबकि कुछ सिंगल बेंचों ने अपनी कार्यवाही प्रसारित करनी शुरू की।
वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट पिछले साल से अपनी सभी अदालतों की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट की यह पहल न्यायिक पारदर्शिता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी गई थी, जिसके बाद कई हाईकोर्ट्स ने भी इस प्रक्रिया को अपनाना शुरू किया।