फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bombay High Court gives permission to minor to abort pregnancy; 11 year old girl was 30 months pregnant

Bombay HC: बॉम्बे हाईकोर्ट ने नाबालिग को दी गर्भ गिराने की अनुमति; 30 महीने की गर्भवती थी 11 साल की बालिका

Thu, 31 Oct 2024 05:07 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: बशु जैन Updated Thu, 31 Oct 2024 05:07 PM IST
सार

11 साल की बालिका के साथ दुष्कर्म हुआ था और वह 30 महीने की गर्भवती हो गई थी। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए कि गर्भपात के बाद भ्रूण के ऊतक और रक्त के नमूने रखे जाएं, ताकि वह डीएनए टेस्ट के समय काम आ सकें।

विज्ञापन
Bombay High Court gives permission to minor to abort pregnancy; 11 year old girl was 30 months pregnant
बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न की शिकार एक नाबालिग को गर्भ गिराने की अनुमति दे दी। 11 साल की बालिका के साथ दुष्कर्म हुआ था और वह 30 महीने की गर्भवती हो गई थी। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए कि गर्भपात के बाद भ्रूण के ऊतक और रक्त के नमूने रखे जाएं, ताकि वह डीएनए टेस्ट के समय काम आ सकें। 
विज्ञापन


जरूरी है कोर्ट की अनुमति
कानून के मुताबिक 20 सप्ताह से अधिक के गर्भ को समाप्त करने के लिए अदालत की अनुमति आवश्यक है। न्यायाधीश शर्मिला देशमुख और न्यायमूर्ति जितेन्द्र जैन की पीठ ने आदेश दिया कि नाबालिग का गुरुवार को ही सरकारी जेजे अस्पताल में गर्भपात होगा। बालिका ने अपने पिता के जरिये हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति मांगी थी।  याचिका के मुताबिक लड़की यौन उत्पीड़न की शिकार है। मामले में अज्ञात के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन


कोर्ट ने ये कहा
कोर्ट ने कहा कि संविधान के तहत वह 20 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति दे सकता है। नाबालिग यौन उत्पीड़न की शिकार है। उसे गर्भावस्था की समाप्ति की अनुमति दी जाती है। कोर्ट ने भ्रूण के रक्त और ऊतक के नमूनों को संरक्षित करने का निर्देश दिया। ताकि मामले की सुनवाई के दौरान डीएनए या अन्य परीक्षण किए जा सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार देगी सुविधा
कोर्ट ने कहा कि यदि बच्चा जीवित पैदा होता है तो उसकी जान बचाने के लिए सभी चिकित्सा सुविधाएं सरकार उपलब्ध कराएगी। नाबलिग बच्ची और उसके माता-पिता बच्चे की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं हैं तो राज्य सरकार बच्चे की पूरी जिम्मेदारी लेगी। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed