फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bombay High Court Extends Stay On Order Granting Bail to Anil Deshmukh till Dec 27 in Corruption case

Anil Deshmukh: जेल से बाहर आने के लिए देशमुख को करना होगा इंतजार; नवनीत राणा को भी राहत भी नहीं

Wed, 21 Dec 2022 10:36 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: गुलाम अहमद Updated Wed, 21 Dec 2022 10:36 PM IST
सार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 12 दिसंबर को 73 वर्षीय एनसीपी नेता देशमुख को भ्रष्टाचार के मामले में जमानत दे दी थी। लेकिन पीठ ने कहा था कि यह आदेश 10 दिनों के बाद प्रभावी होगा, क्योंकि सीबीआई ने इस आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती देने के लिए समय मांगा था।

विज्ञापन
Bombay High Court Extends Stay On Order Granting Bail to Anil Deshmukh till Dec 27 in Corruption case
अनिल देशमुख, एनसीपी नेता - फोटो : ani

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को भ्रष्टाचार मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को जमानत देने के अपने आदेश पर रोक 27 दिसंबर तक बढ़ा दी। इस मामले में देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच चल रही है।

विज्ञापन


बॉम्बे हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 12 दिसंबर को 73 वर्षीय एनसीपी नेता देशमुख को भ्रष्टाचार के मामले में जमानत दे दी थी। लेकिन पीठ ने कहा था कि यह आदेश 10 दिनों के बाद प्रभावी होगा, क्योंकि सीबीआई ने इस आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती देने के लिए समय मांगा था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन याचिका पर अवकाश के बाद जनवरी 2023 में ही सुनवाई होगी।
विज्ञापन


सीबीआई ने मंगलवार को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) अनिल सिंह के जरिए हाईकोर्ट से देशमुख की जमानत पर रोक तीन जनवरी तक बढ़ाने का आग्रह किया था। सिंह ने कहा था कि न्यायमूर्ति एमएस कार्णिक की अदालत ने देखमुश को जमानत  दी थी लेकिन यह प्रभावी नहीं हुई थी। दुर्भाग्य से सुप्रीम कोर्ट में अवकाश पीठ नहीं है। इसलिए आदेश को तीन जनवरी तक बढ़ाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जब अदालत ने मामले को बुधवार को सुनने के लिए कहा, तो एएसजी ने पीठ से जमानत के आदेश पर रोक को उचित समय तक बढ़ाने का आग्रह किया। हालांकि, देशमुख के वकील अनिकेत निकम ने कहा कि सीबीआई के पास शीर्ष अदालत में अवकाश रजिस्ट्रार से संपर्क करने की पहुंच है। लेकिन जांच एजेंसी इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहती है। निकम ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल की स्वतंत्रता एक और दिन के लिए क्यों रोकी जाए, जब उन्हें सुनवाई के बाद जमानत दी गई है।

मामले को सूचीबद्ध करना मुश्किल
एएसजी सिंह ने इसका जवाब देते हुए कहा कि सीबीआई के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री से संपर्क किया था, लेकिन मामले को सूचीबद्ध करना बहुत मुश्किल है। उन्होंने दलील दी कि देशमुख के जमानत आदेश पर रोक को कम से कम मंगलवार (27 दिसंबर) तक बढ़ाया जा सकता है, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया।

हाईकोर्ट ने देशमुख को जमानत देते हुए कहा था कि बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे के बयान को छोड़कर, सीबीआई की जांच से ऐसा कोई संकेत नहीं मिलता है कि पूर्व गृह मंत्री के इशारे पर मुंबई में बार मालिकों से पैसे वसूले गए थे।


फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले  में सांसद नवनीत राणा को राहत नहीं
मुंबई की एक अदालत ने बुधवार को निर्दलीय सांसद नवनीत राणा की समीक्षा अर्जी खारिज कर दी, जिसमें फर्जी तरीके से जाति प्रमाण पत्र हासिल करने के मामले में उन्हें आरोप मुक्त करने से इन्कार किया गया था। राणा वर्तमान में पूर्वी महाराष्ट्र में अमरावती से सांसद हैं और यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। उन्होंने मुलुंड मजिस्ट्रेट की अदालत के खिलाफ सांसदों/ विधायकों की विशेष अदालत के समक्ष एक समीक्षा आवेदन दायर किया था। मजिस्ट्रेट ने अगस्त में पारित एक आदेश में, राणा को इस मामले से बरी करने से इन्कार कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि कथित धोखाधड़ी और जालसाजी के दस्तावेजी सबूत सहित उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया सबूत हैं। राणा की ओर से पेश अधिवक्ता रिजवान मर्चेंट ने विशेष अदालत के समक्ष तर्क दिया कि पुलिस की ओर से दायर चार्जशीट में उनके खिलाफ कोई सामग्री नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed