फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bombay HC slams rampant illegal construction, assures action saying 'kuch to hoga'

Maharashtra: हाईकोर्ट ने बढ़ रहे अवैध निर्माण पर अफसोस जताया, कहा- बदल देंगे 'अब कुछ नहीं होगा' की धारणा

Mon, 11 Sep 2023 06:36 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 11 Sep 2023 06:36 PM IST
सार

Maharashtra: बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को इस बात पर अफसोस जताया कि लंबे समय से अवैध निर्माण तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन अब इस रवैये को बदलने का समय आ गया है कि ऐसी संरचनाओं को कुछ नहीं होगा।

विज्ञापन
Bombay HC slams rampant illegal construction, assures action saying 'kuch to hoga'
Bombay High Court - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को इस बात पर अफसोस जताया कि लंबे समय से अवैध निर्माण तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन अब इस रवैये को बदलने का समय आ गया है कि ऐसी संरचनाओं को कुछ नहीं होगा। अदालत ने महाराष्ट्र सराकर से पूछा कि क्या इस तरह की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कोई समाधान है। 

विज्ञापन

न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति कमल खाता की खंडपीठ ने कहा कि एक अदालत के रूप में वह अब यह संदेश देना चाहती है कि इस तरह के बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण को उसकी निगरानी में नहीं होने दिया जाएगा। पीठ ने पिछले महीने नवी मुंबई में अनधिकृत चार मंजिला आवासीय इमारत के मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लिया था। इमारत के 29 फ्लैटों में से 23 पर कब्जा है, पांच पर ताला लगा हुआ है जबकि एक खाली है।

विज्ञापन
विज्ञापन

उच्च न्यायालय ने कहा कि 23 कब्जाधारियों को 'कुछ नहीं होगा' कहते हुए फ्लैट लेने के लिए राजी कर लिया गया। लेकिन 'अब हम इसे बदल देंगे...'कुछ तो होगा'। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा कि स्थिति की गंभीरता ऐसी है कि इमारत में बिजली और पानी दोनों की आपूर्ति है जो अवैध रूप से खरीदी गई है।

विज्ञापन

न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, 'हमें व्यक्तियों पर उंगली उठाना बंद करना होगा। आज, व्यक्ति लाभ उठा रहा है। मैं निर्माण कर रहा हूं कि वे क्या करेंगे या हम देखेंगे। क्योंकि कई लोग ऐसा कर रहे हैं और वे इससे बच रहे हैं।' पीठ ने कहा कि कई बार व्यक्ति दीवानी अदालतों का रुख करता है और नगर निकाय अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित किसी भी दंडात्मक कार्रवाई के खिलाफ स्थगन आदेश प्राप्त करता है।
 

न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, 'इसे रोकने की जरूरत है। हमारा मानना है कि हमें बिना किसी देरी के कार्रवाई करनी चाहिए। मैं एक संदेश देना चाहता हूं कि हम अपनी निगरानी में ऐसा नहीं होने देंगे। हम अपनी निगरानी में इसकी अनुमति नहीं देंगे। ऐसी ज्यादातर चीजें अदालतों की वजह से हुई हैं।'
 

उन्होंने कहा, 'हमें खुद से कुछ कड़े सवाल पूछने होंगे। हर बार जब यह कहा जाता है कि लोग अदालत में आते हैं और स्थगन आदेश प्राप्त करते हैं। अब मैं सबटेक्स्ट को संबोधित कर रहा हूं। इस (नवी मुंबई इमारत) मामले को देखिए। यह पूरी तरह से घृणित है।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed