अमेरिका: 27 जुलाई को भारत दौरे पर आएंगे विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, क्वाड सहयोग समेत इन मुद्दों पर होगी वार्ता
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की भारत यात्रा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य इस साल के अंत में वाशिंगटन में क्वाड समूह के नेताओं की मौजूदगी में होने वाले एक शिखर सम्मेलन के लिए आधार तैयार करना होगा।
विस्तार
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटली ब्लिंकन 27 जुलाई को भारत की दो दिवसीय यात्रा पर आ रहे हैं। एंटनी ब्लिंकन की भारत यात्रा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य इस साल के अंत में वाशिंगटन में क्वाड समूह के नेताओं की मौजूदगी में होने वाले एक शिखर सम्मेलन के लिए आधार तैयार करना होगा। क्वाड में भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका शामिल हैं। इसके अलावा अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात, पाकिस्तान की धरती पर आतंकवाद, वैक्सीन और कोविड-19 महामारी जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी।
एंटनी ब्लिंकन 27 और 28 जुलाई को भारत दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के रक्षा संबंध और मजबूत करने पर भी बातचीत होगी। इसमें पॉलिसी एक्सचेंज, अभ्यास और रक्षा हस्तांतरण और प्रौद्योगिकियों को शामिल किया जाएगा। इस वर्ष अमेरिका में होने वाली चौथी टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय वार्ता के दौरान इन संबंधों को अधिक विस्तार दिया जाएगा।
India attaches considerable importance to the visit of US Secretary of State Antony Blinken (on July 27-28) & looks forward to taking forward the conversation with the US on numerous issues, be it bilateral, regional, addressing Covid or global developments: Sources pic.twitter.com/IcFeYllF0Y
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— ANI (@ANI) July 25, 2021
इससे पहले, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि ब्लिंकन की दिल्ली यात्रा साझेदारी को मजबूत करने और साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग को रेखांकित करने के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। अपनी यात्रा के दौरान अमरिकी विदेश मंत्री के साथ कोविड-19 से निपटने के प्रयासों पर निरंतर सहयोग, हिंद-प्रशांत क्षेत्र, साझा क्षेत्रीय सुरक्षा हितों, क्वाड सहयोग, अफगानिस्तान में शांति, सीमा पर आतंकवाद, साझा लोकतांत्रिक मूल्य और जलवायु संकट सहित कई मुद्दों पर चर्चा होगी।
'मानवाधिकार और लोकतंत्र किसी खास परिप्रेक्ष्य से परे'
अमेरिका ने एक दिन पहले कहा था कि ब्लिंकन अपनी भारत यात्रा के दौरान मानवाधिकारों और लोकतंत्र का मुद्दा उठाएगा। इसे लेकर सरकारी सूत्रों ने कहा कि मानवाधिकार और लोकतंत्र सार्वभौमिक हैं और एक विशेष राष्ट्रीय या सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य से परे हैं। लंबे समय से चले आ रहे बहुलवादी समाज के रूप में, भारत उन लोगों को शामिल करने के लिए तैयार है जो अब विविधता के मूल्य को पहचान रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि भारत को दोनों क्षेत्रों में अपनी उपलब्धियों पर गर्व है और अनुभवों को साझा करने में हमेशा खुशी होती है।
अफगानिस्तान के हालात और पाकिस्तान में आतंकवाद
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस दौरान अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की वापली के फैसले से वहां की सुरक्षा की स्थिति पर पड़े प्रभाव पर चर्चा की जाएगी। बता दें कि अफगानिस्तान में इस समय हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं और लगातार हो रहीं आतंकी व हिंसक घटनाओं ने पूरी दुनिया का ध्यान इस ओर खींचा किया है। इसके अलावा आतंक वित्तपोषण और आतंकियों की सुरक्षित पनाहगाह बने पाकिस्तान पर जरूरी दबाव डालने का मुद्दा भी अमेरिकी विदेश सचिव के भारत दौरे के एजेंडा में शामिल है।