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West Bengal: सुवेंदु अधिकारी ने सरकार को लिखी चिट्ठी, बंगाल में डेंगू की स्थिति और रोजगार मुद्दे पर कही यह बात
Mon, 07 Nov 2022 05:55 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 07 Nov 2022 05:55 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता अधिकारी ने कहा, सरकार की अक्षमता के कारण राज्य में डेंगू की स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई है। राज्य प्रशासन स्थिति को नियंत्रि करने के बजाय आंकड़ों को छिपाने में लगा हुआ है।
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सुवेंदु अधिकारी
- फोटो : एएनआई (फाइल फोटो)
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विस्तार
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा और उनसे डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स की एक टीम को राज्य में भेजने का आग्रह किया, ताकि पश्चिम बंगाल में डेंगू की स्थिति की निगरानी की जा सके।
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मंडाविया को लिखे चार पन्नों के पत्र में अधिकारी ने दावा किया कि राज्य सरकार के डेंगू से हुई मौतों और मामलों के असली आंकड़ों को छिपा रही है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता अधिकारी ने कहा, सरकार की अक्षमता के कारण राज्य में डेंगू की स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई है। राज्य प्रशासन स्थिति को नियंत्रि करने के बजाय आंकड़ों को छिपाने में लगा हुआ है। मैंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर राज्य सरकार को मार्गदर्शन देने और लोगों को राहत प्रदान करने के लिए डॉक्टर्स और पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स की एक केंद्रीय टीम भेजने का अनुरोध किया है।
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उन्होंने यह भी दावा किया राज्य वित्तीय संकट से जूझ रहा है और टीएमसी सरकार ने धन की कमी के कराण जल निकासी सुविधाओं (फैसिलिटीज) की सफाई और स्वच्छता सुविधाओं को अपग्रेड करने का काम रोक दिया है, जिससे स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो रही हैं।
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पत्र में उन्होंने आगे कहा, स्थिति नियंत्रण में आने के बाद राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों की पूरी तरह से जांच करने की आवश्यकता है। उनकी दक्षता की कमी के कारण लोगों की जान चली गई है। इसकी जांच की जानी चाहिए।
एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि पिछले सप्ताह राज्य में पांच हजार से ज्यादा लोगों का टेस्ट पॉजिटिव आया, जिनमें से अधिकांश मामले नॉर्थ 24 परगना जिले से सामने आए।
वहीं, दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अधिकारी द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखने की आलोचना की और दावा किया राज्य सरकार ने डेंगू की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं।
टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, राज्य की छवि को खराब करने के उद्देश्य से सुवेंदु अधिकारी ने पत्र लिखा है। उन्हें इसके बजाय राज्य के लिए उस फंड को जारी करने के लिए केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखना चाहिए जिस पर केंद्र ने रोक लगाई है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को भी लिखा पत्र
अधिकारी ने राज्य सरकार पर ग्रामीण बंगाल में रोजगार सृजन करने का झूठा दावा करने का भी आरोप लगाया और इसे फर्जी बताया। इसको लेकर उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह को पत्र लिखा है और सीबीआई या किसी अन्य केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने का अनुरोध किया है।
हाईकोर्ट ने खारिज की सुवेंदु अधिकारी की याचिका
उधर, कलकत्ता उच्च न्यायाय ने सोमवार सुवेंदु अधिकारी की उस अवमानना याचिका को खारिज कर दिया है, जो उन्होंने पुलिस महानिदेशक के खिलाफ दाखिल की थी। याचिका में उन्होंने आरोप लगाया था कि अदालत से अनुमति के बावजूद उन्हें 7 जनवरी को पश्चिम मेदिनीपुर जिले के नेताई गांव में जाने की अनुमति नहीं दी गई।
दरअसल, 7 जनवरी 2021 को एक स्थानीय माकपा नेता रथिन दंडापत की घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तबसे सुवेंदु हर साल यहां उनकी वेदी पर माल्यार्पण करते रहे हैं। इस साल भी उनका ऐसा ही करने का कार्यक्रम था। लेकिन उन्हें वहां जाने की अनुमति नहीं दी गई थी।
शुभेंदु अधिकारी उस दोपहर करीब तीन बजे नेताई गांव पहुंचे थे। लेकिन पुलिस को पहले से जानकारी देने के बावजदू उन्हें गांव में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ भी काफी बहस हुई थी। बाद में यह मामला कोर्ट पहुंचा था। सोमवार को हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।