महाराष्ट्र में मंदिर पर संग्राम: भाजपा अध्यक्ष पाटिल बोले- क्या राज्यपाल देश के नागरिक नहीं हैं?
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महाराष्ट्र में जगह-जगह मंदिरों को फिर से खोलने के लिए भाजपा द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ता मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर और शिरडी स्थित साईं बाबा मंदिर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच, राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखकर उनसे पूछा है कि उन्हें कोई दिव्य प्रेम प्राप्त हुआ है या वो धर्मनिरपेक्ष हो गए हैं। इसके जवाब में सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा है कि उन्हें राज्यपाल से हिंदुत्व का पाठ पढ़ने की जरूरत नहीं है। वहीं, भाजपा नेता प्रसाद लाड को पार्टी कार्यकर्ताओं संग हिरासत में लिया गया है।
क्या राज्यपाल देश के नागरिक नहीं हैं?
महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा है कि, क्या राज्यपाल देश के नागरिक नहीं हैं? क्या वो हिंदू नहीं हैं? उन्हें हर मुद्दे पर बोलने का अधिकार है। क्या उन्हें सवाल पूछने का अधिकार नहीं है? उन्हें (उद्धव ठाकरे) मंदिर फिर से खोलने में क्या दिक्कत है? क्या मंदिर खोलने पर कांग्रेस-एनसीपी उनसे समर्थन वापस ले लेंगी।
Is Governor not a citizen, not a Hindu? He has the right to speak on all issues. Does he not have the right to question? What issue do they have with reopening of temples? Will Congress-NCP withdraw their support if you reopen temples?: Maharashtra BJP president Chandrakant Patil https://t.co/0nft7zfxaE pic.twitter.com/iZsn35eglK
— ANI (@ANI) October 13, 2020
बैरिकेडिंग होने के बावजूद मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश
बता दें कि प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग होने के बावजूद मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने ऐसा होने नहीं दिया। जल्द ही प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस की तरफ से किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।
Mumbai: BJP workers protest outside Siddhivinayak temple against the state govt, demanding that all temples in Maharashtra should be re-opened for devotees.
— ANI (@ANI) October 13, 2020
Protesters try to enter the temple amidst heavy police deployment & barricading pic.twitter.com/LZD8yTOObA
भाजपा नेता प्रवीण दारेकर ने कहा, राज्य में शराब की दुकानों को खोला गया है, यहां तक कि होम डिलीवरी तक का विकल्प दिया गया है। लेकिन जो लोग अपनी मानसिक शांति के लिए मंदिर जाना चाहते हैं, उनके बारे में कौन सोचेगा? सरकार छोटे व्यापारियों के बारे में नहीं सोच रही है जिनकी आजीविका मंदिरों पर निर्भर करती है। ये सरकार अहंकार से भरी हुई है।
वहीं, एक अन्य भाजपा नेता प्रसाद लाड ने कहा, हम मांग कर रहे हैं कि हमें सिद्धिविनायक मंदिर में प्रवेश करने दिया जाए। अगर वे हमें प्रवेश नहीं देते हैं, तो हम मंदिर में जाने के लिए अपना रास्ता बनाएंगे। यह एक अखिल महाराष्ट्र आंदोलन है क्योंकि हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द राज्य के सभी मंदिरों को फिर से खोल दिया जाए।
राज्यपाल कोश्यारी ने लिखी सीएम उद्धव को चिट्ठी
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सीएम उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से धार्मिक स्थलों को फिर से खोलने का आग्रह किया है। राज्यपाल ने कहा है कि एक जून से राज्य में धार्मिक स्थलों को खोलने का एलान किया गया था, लेकिन चार महीने बीत चुके हैं, इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया गया है।
राज्यपाल ने कहा, यह विडंबना है कि सरकार ने एक तरफ बार और रेस्तरां को खोल दिया है, लेकिन दूसरी तरफ मंदिर जैसे धार्मिक स्थानों को नहीं खोला गया है। आप हिंदुत्व के मजबूत पक्षधर रहे हैं। आपने भगवान राम के लिए सार्वजनिक रूप से अपनी भक्ति व्यक्त की।
इसमें कहा गया है कि मुझे आश्चर्य है कि आपको मंदिरों को नहीं खोलने के लिए कोई दिव्य प्रेम प्राप्त हो रहा है या फिर आप धर्मनिरपेक्ष हो गए हैं। यह एक ऐसा शब्द है, जिससे आप नफरत करते हैं।
Maharashtra Governor wrote to CM Uddhav Thackeray, seeking re-opening of places of worship with COVID precautions
— ANI (@ANI) October 13, 2020
"I wonder if you're receiving any divine premonition to keep postponing re-opening or you've suddenly turned 'secular' yourselves, the term you hated?" letter states pic.twitter.com/BedTgTSP2d
शिरडी साईं बाबा मंदिर के बाहर प्रदर्शन
भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किया जा रहा है। कार्यकर्ता शिरडी साईं बाबा मंदिर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनकी मांग है कि राज्य भर के मंदिरों में श्रद्धालुओं को फिर से पूजा-अर्चना करने दी जाए।
Maharashtra: BJP workers stage protest outside Shirdi Sai Baba Temple, demanding re-opening of places of worship in the state.
— ANI (@ANI) October 13, 2020
The party is holding similar agitations across the state pic.twitter.com/TrEf57M7CV
भाजपा नेता प्रसाद लाड हिरासत में
भाजपा नेता प्रसाद लाड को पार्टी कार्यकर्ताओं संग हिरासत में लिया गया है। इनके नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर के बाहर प्रदर्शन किया जा रहा था। भाजपा की मांग है कि महाराष्ट्र के सभी मंदिरों को खोला जाए।
#WATCH Maharashtra: BJP leader Prasad Lad detained along with other party workers by police during a protest outside Siddhivinayak temple in Mumbai.
— ANI (@ANI) October 13, 2020
BJP is organising demonstrations across the state today, demanding re-opening of all temples for devotees. pic.twitter.com/Q0U2hZm6Ie
उद्धव ने राज्यपाल की चिट्ठी पर दिया जवाब
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा सीएम उद्धव को लिखी गई चिट्ठी पर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया है। मुख्यमंत्री उद्धव ने कहा है कि जैसा कि अचानक से लॉकडाउन को लागू करना सही नहीं था, एक बार में इसे पूरी तरह से रद्द करना भी अच्छी बात नहीं होगी। और हां, मैं ऐसा व्यक्ति हूं जो हिंदुत्व का अनुसरण करता है, मेरे हिंदुत्व को आपसे सत्यापन की आवश्यकता नहीं है।
As imposing lockdown all of a sudden was not right, revoking it completely at once will also be not a good thing. And yes, I am someone who follows Hindutva, my Hindutva doesn't need verification from you: Maharashtra CM Uddhav Thackeray (in file photo) replies to Governor https://t.co/Tw26tZ2r6B pic.twitter.com/VgCSXnhTlh
— ANI (@ANI) October 13, 2020
भाजपा कार्यकर्ताओं का पुणे में भी प्रदर्शन
भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पुणे में भी मंदिर खोलने के लिए प्रदर्शन किया जा रहा है। पुणे शहर के ग्रामदैवत तांबड़ी जोगेश्वरी मंदिर के बाहर भजन कर भाजपा ने प्रदर्शन किया। कुंभकर्ण की नींद में सोई सरकार का प्रतीकात्मक पुतला भी बनाया गया। भाजपा के शहर अध्यक्ष जगदीश मलिक के अलावा कई भाजपा कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल हुए।
राज्यपाल संविधान का पालन करने के लिए तैयार नहीं: संजय राउत
शिवसेना के राज्यसभा सांसद और पार्टी प्रवक्ता संजय राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार ने संविधान में उल्लिखित धर्मनिरपेक्षता शब्द के वास्तविक अर्थ को ध्यान में रखते हुए, गंभीर कोरोना स्थिति के चलते मंदिरों को नहीं खोलने का निर्णय ले रही है। इसलिए, राज्यपाल का पत्र साबित करता है कि वह भारत के संविधान का पालन करने के लिए तैयार नहीं हैं।
Maharashtra govt is taking decisions keeping the serious #COVID19 situation in mind & following true meaning of the word secularism as mentioned in the constitution. So, Governor's letter proves that he's not willing to follow India's constitution: Sanjay Raut, Shiv Sena Leader https://t.co/0nft7zfxaE pic.twitter.com/YYyP2aN03B
— ANI (@ANI) October 13, 2020