जम्मू-कश्मीर में जारी रहेगा घमासान: पीडीपी पर नरम रुख नहीं अपनाएगी भाजपा
- कार्यकारिणी की बैठक में माथापच्ची के बाद हुआ फैसला
- जेटली बोले पुरानी शर्तों पर हमारी प्रतिबद्घता कायम
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जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती को ही अपना रुख लचीला बनाना होगा। दरअसल राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राज्य की स्थिति पर लंबी माथापच्ची के बाद भाजपा ने अपने पुराने रुख से रत्ती भर समझौता न करने का फैसला किया है।
बैठक में तय हुआ कि पार्टी दिवंगत मुफ्ती मोहम्मद सईद के साथ तय हुए एजेंडे पर आगे बढ़ेगी। इस क्रम में महबूबा की कोई शर्त स्वीकार नहीं करेगी। बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जम्मू कश्मीर की स्थिति पर मंथन की बात स्वीकारी।
उन्होंने कहा कि भाजपा गठबंधन धर्म निभाना जानती है। पार्टी अब भी पीडीपी के साथ पुरानी शर्तों और तय कार्यक्रमों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्घ है। राज्य के वरिष्ठ नेता निर्मल खत्री ने भी कहा कि गठबंधन के लिए पार्टी के पुराने एजेंडे में कोई बदलाव नहीं आया है।
जेटली बोले पुरानी शर्तों पर हमारी प्रतिबद्घता कायम
पार्टी सूत्रों ने बताया कि जम्मू कश्मीर की स्थिति पर करीब 40 मिनट मंथन हुआ। इस दौरान पार्टी महासचिव राम माधव ने बैठक में सभी को राज्य की ताजा सियासी स्थिति और बदलते घटनाक्रम से अवगत कराया।
इसके बाद पार्टी ने तय किया कि पीडीपी की कोई नई शर्त नहीं मानी जाएगी। हां अगर महबूबा मुफ्ती पुरानी शर्तों और सीएमपी के तहत सरकार गठन के लिए राजी होती हैं तो पार्टी भी आगे बढ़ेगी।
दरअसल बैठक में कई नेताओं का कहना था कि चूंकि राज्य की राजनीति पर पूरे देश की निगाह है, ऐसे में कोई ऐसा संदेश नहीं जाना चाहिए, जिससे लगे कि भाजपा ने सरकार बनाने के लिए अपने प्रमुख मुद्दों या विचारधारा के साथ समझौता किया है।
इस बारे में पूछे जाने पर वित्त मंत्री जेटली ने परोक्ष रूप से इस स्थिति के लिए पीडीपी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि भाजपा पुरानी शर्तों और कार्यक्रमों के प्रति अभी भी वचनबद्घ है। उन्होंने दिवंगत मुफ्ती सईद के साथ बनी सहमति की ओर इशारा करते हुए कहा कि पार्टी उन शर्तों से अब भी बंधी है।