...2019 की अंगड़ाई, राम मंदिर की लड़ाई, शिवसेना के बाद धर्म सभा पर रहेगी नजर
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सुप्रीम कोर्ट में लंबित विवादित अयोध्या राम मंदिर विवाद को लेकर एक बार फिर से चर्चाओं का बाजार गर्म है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने रविवार को 'धर्मसभा' का आयोजन किया है।
आपको बता दें कि 25 नवंबर को विहिप की तीन धर्म सभाएं होनी हैं। इनमें से एक अयोध्या में होगी जबकि बाकी दो नागपुर और बेंगलुरु में होनी है। अयोध्या पहुंचे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने साधु-संतों से मुलाकात कर अपने परिवार के साथ लक्ष्मण किले के साथ-साथ सरयू तट पर भी महाआरती की।
दावा किया जा रहा है कि धर्म संसद में लाखों की तादात में राम भक्तों के साथ-साथ आरएसएस, शिव सैनिक भी अयोध्या में मौजूद रहेंगे। उत्तर प्रदेश में शिवसेना का कॉडर इतना मजबूत नहीं है लेकिन फिर भी महाराष्ट्र से आकर अयोध्या में सभा करना 1992 वाले हालातों को ताजा करना कहीं और ही इशारा कर रहा है। मौजूदा हालात को देखते हुए राम मंदिर निर्माण पर बीजेपी को पीछे धकेलते हुए इस मुद्दे पर अपना शिवसेना अपना वर्चस्व कायम करने की जुगत लगाती दिख रही है।
शनिवार को लाखों शिवसैनिक के साथ रामलला की नगरी अयोध्या में 'अबकी बार राम मंदिर का निर्माण होकर रहेगा' का नारा दिनभर गूंजित होता रहा। उद्धव ठाकरे ने अपने परिवार के साथ अयोध्या के सरयू तट पर पूजा अर्चना कर महाआरती कर अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद के मुद्दे को हवा दे दी है। साथ ही छह दिसंबर बाबरी विध्वंस की वर्षगांठ भी अगले हफ्ते है। सो रामभक्तों, शिवसैनिक ही नहीं, बल्कि साधु संतों का जमावड़ा भी अयोध्या में बढ़ता जा रहा है। ज्यादातर साधु भी एक सुर से राम मंदिर निर्माण की वकालत करते हुए लगातार राम नगरी में पहुंच रहे हैं।
रविवार को अयोध्या में होने वाली धर्मसभा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अयोध्या में बढ़ती सक्रियता को लेकर शहर में तनाव का माहौल भी दिख रहा है। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया है। अयोध्या और फैजाबाद में धारा 144 तक लागू कर दी गई है। पूरी अयोध्या को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। 70 हजार जवान तैनात करने के साथ ही ड्रोन भी नजर रख रहे हैं।
कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात हैं। फैजाबाद और नजदीकी जिलों की पुलिस के अलावा 48 कंपनी पीएसी तैनात किए जाने से अयोध्या छावनी में तब्दील हो गई है। डीजीपी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से अयोध्या को आठ जोन व 16 सेक्टर में बांटा गया है। अयोध्या में पहले 20 कंपनी पीएसी बल लगाया गया था। पढ़िए आप भी शिवसेना प्रमुख ने कैसे अयोध्या में माहौल गर्म बनाया हुआ है।
Visuals of security in Ayodhya. VHP and Shiv Sena will hold separate events in the city tomorrow over the matter of #RamTemple. pic.twitter.com/cD0PPn0GHI
— ANI UP (@ANINewsUP) November 24, 2018
अब हमें राम मंदिर निर्माण की तारीख बताओ सरकार- उद्धव ठाकरे
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिवसैनिकों और साधु संतों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुझे राम मंदिर निर्माण का श्रेय नहीं चाहिए, मुझे राम मंदिर निर्माण की तारीख चाहिए। हम सब मिलकर राम मंदिर का निर्माण करेंगे, सब साथ आएंगे, तो राम मंदिर जल्द बनेगा। अब हम इंतजार नहीं कर सकते, बहुत साल दिन और महीने गुजर गए हैं। मंदिर वहीं बनाएंगे, मंदिर बनाएंगे लेकिन तारीख नहीं बताएंगे... आज हमें राम मंदिर निर्माण की तारीख चाहिए...
राम मंदिरासाठी किती वर्ष वाट बघणार, मंदिर कधी बांधणार याची तारीख आधी सांगा
— ShivSena - शिवसेना (@ShivSena) November 24, 2018
राम मंदिर के लिए और कितने साल इंतजार करेंगे, राम मंदिर बनाने की तारीख बताएं
- शिवसेना पक्षप्रमुख मा. श्री. उद्धव साहेब ठाकरे#ThackerayinAyodhya #UddhavThackeray #RamMandir pic.twitter.com/jgcaRs4uzN
अदालत में नहीं मापी जा सकती लोगों की आस्था- उद्धव ठाकरे
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि माना रामजन्म भूमि विवाद कोर्ट में विचाराधीन है लेकिन क्या लोगों की आस्था अदालत में मापी नहीं जा सकती है। अदालत में कुछ भी फैसला होने से पहले आप अध्यादेश लाइए। देश के सभी हिन्दू आपके साथ कंधे से कंधा मिलकर चलेंगे। लेकिन आज मैं कहता हूं कि अब राम मंदिर पर हिंदू चुप नहीं रहेगा।
राम मंदिर पर अध्यादेश लाए सरकार हम देंगे साथ- उद्धव ठाकरे
उद्धव ठाकरे ने सीधा पीएम पर हमलावर होते हुए कहा कि पीएम मोदी ने जैसे नोटबंदी का निर्णय लिया था, उसी प्रकार राम मंदिर निर्माण का निर्णय भी लिया जाना चाहिए। मंदिर बनाने के लिए हिम्मत चाहिए। सीना कितना भी चौड़ा क्यों न हो, सीने में ताकदवर दिल होना जरूरी है। कई महीने और कई साल बीत गए, पर राम मंदिर का मुद्दा वैसे का वैसा ही है। उद्धव ठाकरे ने मोदी सरकार से पूछा कि राम मंदिर के लिए और कितने साल इन्तजार करेंगे? हम जो वादा करते हैं, वो पूरा करते हैं। हजारों शिवसैनिक अयोध्या आए हैं। यहां मुझको साधु-संतों से आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।
नहीं चाहिए मुझे राम मंदिर के निर्माण का श्रेय...
उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर के निर्माण का श्रेय लेने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अगर बीजेपी को श्रेय लेना है, तो वो ही ले ले। मैं संत लोगों के सामने कहता हूं कि मैं सिर्फ भक्त बनकर आऊंगा। मुझे राम मंदिर निर्माण की तारीख चाहिए। तब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी, तो थोड़ी मुश्किल थी, लेकिन आज बीजेपी अध्यादेश लाती है, तो हमारी पार्टी पूरा समर्थन करेगी।
मैं यहां कुंभकर्ण नींद सो रही बीजेपी को जगाने आया हूं....
उद्धव ठाकरे ने बीजेपी और मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए हिंदी में कहा कि मैं यहां राजनीति करने नहीं आया हूं। मैं श्री राम चंद्र का दर्शन करने आया हूं। राम लला और हिन्दुत्व को क्या कभी हम भूल सकते हैं। मैं आज यहां सिर्फ रामलला का आशीर्वाद लेने आया हूं, लेकिन अब आता रहूंगा। मैं जब यहां आ रहा था, तो लोग मुझसे पूछ रहे थे कि क्या राजनीति करने पहुंच रहे हो। मैं यहां राजनीति करने नहीं आया हूं। मैं आज कुंभकर्ण बनी बीजेपी को जगाने आया हूं। कुंभकर्ण तो छह महीने सोता था, लेकिन बीजेपी चार साल से सो रही है। मैं चाहता हूं कि सब मिलकर मंदिर बनाए।
#WATCH: Shiv Sena chief Uddhav Thackeray along with his son Aditya Thackeray offers prayer at Sarayu River in Ayodhya. Shiv Sena will hold an event in the city tomorrow over the matter of #RamTemple. pic.twitter.com/oJdSnVVwck
— ANI UP (@ANINewsUP) November 24, 2018
क्या हो सकती है शिवसेना की रणनीति, कितना फायदा उसे मिलेगा या फिर इसके नतीजे क्या होंगे, ये तो वक्त ही बताएगा। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बीच और 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण का मुद्दा क्यों गरमाया हुआ है? क्या बीजेपी एक बार फिर इन चुनावों में हिंदुत्व के सहारे है। यह विश्लेषण का विषय हो सकता है, लेकिन पर्दे के पीछे की कहानी कुछ और ही नजर आ रही है।