फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BJP vote percentage decreased in West Bengal assembly elections

किसको मिले कितने मत: बंगाल में भाजपा का वोट शेयर 2 फीसदी घटा, टीएमसी का 5 फीसदी बढ़ा

Mon, 03 May 2021 01:33 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 03 May 2021 01:33 AM IST
सार

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा के मत प्रतिशत में दो प्रतिशत से कम की गिरावट हुई, जबकि तृणमूल कांग्रेस का आंकड़ा करीब पांच प्रतिशत बढ़ा।

विज्ञापन
BJP vote percentage decreased in West Bengal assembly elections
सांकेतिक चित्र - फोटो : social media

विस्तार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा बड़ी जीत की आशा लगाए बैठी थी। लेकिन भगवा दल को इस राज्य में महज उम्मीद से कम सीटों का ही दंश नहीं सहना पड़ा, बल्कि 2019 लोकसभा चुनावों के मुकाबले मतदाताओं के मुंह मोड़ने की भी चोट सहनी पड़ी। पश्चिम बंगाल में जहां भाजपा की कुल मतों में हिस्सेदारी 2019 लोकसभा चुनाव के मुकाबले 2 फीसदी कम रही, वहीं जबरदस्त जीत के साथ हैट्रिक लगाने वाली तृणमूल कांग्रेस के मतदाताओं में 5 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया। इसके उलट केरल में भगवा दल को मतदाताओं का साथ तो मिला, लेकिन इससे पार्टी का खाता नहीं खुल पाया। राज्यवार पार्टियों को मिले वोट देखें तो फिर एक बार मतदाताओं ने मंशा साफ कर दी है कि वह केंद्र में मोदी और राज्यों में स्थानीय नेताओं और स्थानीय मुद्दों को ही वरीयता देते हैं।    .

विज्ञापन


भाजपा बनी विपक्षी पार्टी
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने अपनी सीटों में 25 गुना बढ़ोतरी दर्ज की है और 76 सीटों के साथ प्रमुख विपक्षी दल बन गई है। निर्वाचन आयोग के डाटा के मुताबिक, कांग्रेस और वाम दलों के गढ़ में सेंध लगाने वाली भाजपा को 38.09 फीसदी मत मिले हैं, जबक 214 सीट पाने वाली ममता दीदी की तृणमूल कांग्रेस पर 47.93 फीसदी मतदाताओं ने विश्वास जताया है। 2019 लोकसभा चुनावों में भाजपा ने 40.7 फीसदी मत हासिल कर 18 सीट जीती थीं और 43.3 फीसदी मत पाने वाली टीएमसी की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी साबित हुई थी। बात विधानसभा चुनावों की करें तो 2016 में 211 सीटों पर जीत हासिल करने वाली टीएमसी को 44.91 फीसदी मत मिले थे, जबकि भाजपा को 10 फीसदी से कुछ ज्यादा मतों के साथ केवल तीन सीटें हासिल हुई थीं। इस बार राज्य में सबसे ज्यादा निराशाजनक प्रदर्शन कांग्रेस का रहा। पिछली बार 12 फीसदी मत पाने वाली देश की सबसे पुरानी पार्टी इस बार महज 3 फीसदी वोटर ही लुभा सकी और अपना खाता भी नहीं खोल सकी। तीन दशक तक राज्य की सत्ता पर काबिज रहे वाम मोर्चे का भी कोई दल 5 फीसदी मतों का आंकड़ा पार नहीं कर पाया।
विज्ञापन


असम में भाजपा की वापसी 
असम में सत्ता बरकरार रखने वाली भाजपा को पिछली बार के 29.5 फीसदी के मुकाबले इस बार 32 फीसदी वोट मिले, लेकिन सीटों का आंकड़ा पिछली बार की 60 से घटकर 58 पर आ गया। वहीं 46 सीट पाने वाले कांग्रेस महागठबंधन को पिछली बार के मुकाबले 5 सीटों का नुकसान हुआ है, लेकिन पार्टी स्तर पर इस बार कांग्रेस को 29.6 फीसदी वोट और 30 सीटें मिली हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 31 फीसदी के करीब वोट और 26 सीटें मिली थी यानी इस बार उसका वोट प्रतिशत घटा, लेकिन सीटों का लाभ हुआ। कांग्रेस के सहयोगी एआईयूडीएफ को 8.98 फीसदी मत मिले हैं। खास बात असम में भी 2019 लोकसभा चुनावों के 36 फीसदी वोट शेयर के मुकाबले इन चुनावों में भगवा दल के मतदाताओं में 4 फीसदी की कमी आना है, जबकि 2019 में 35.44 फीसदी वोट पाने वाली कांग्रेस को भी करीब छह फीसदी का झटका लगा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


तमिलनाडु में द्रमुक को सत्ता
तमिलनाडु में द्रमुक ने 2019 लोकसभा चुनावों के मतों में 32.6 फीसदी की हिस्सेदारी में इन विधानसभा चुनावों के दौरान करीब 5 फीसदी की बढ़त हासिल की है। द्रमुक ने 37.7 फीसदी वोट शेयर के साथ 132 सीट जीती हैं। हालांकि सत्ता गंवाने के बावजूद अन्नाद्रमुक ने भी लोकसभा चुनाव के 18.4 फीसदी मतों को करीब दोगुना करते हुए 33.48 फीसदी वोट पाए हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में द्रमुक को 31.39 फीसदी और अन्नाद्रमुक को 40.88 फीसदी वोट मिले थे। भाजपा ने भी यहां अपना खाता खोलते हुए 2.86 फीसदी वोटों के साथ आमद दर्ज करा दी है। 

केरल में एलडीएफ की वापसी
केरल की बात करें तो वाम दलों के गठबंधन एलडीएफ के सबसे बड़े घटक माकपा ने 25.12 फीसदी वोट के साथ 62 सीट जीती हैं। पार्टी को 2019 लोकसभा चुनाव में भी तकरीबन इतने ही वोट मिले थे। लेकिन इस बार 24.8 फीसदी वोट के साथ 21 सीटें जीतकर दूसरे नंबर पर रही कांग्रेस को लोकसभा चुनावों के मुकाबले मतों में 13 फीसदी कम हिस्सेदरी मिली है। 2019 लोकसभा में कांग्रेस को 37.46 फीसदी वोट मिले थे। यह बात और है कि राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र वायनाड में पार्टी उतना कमाल नहीं दिखा सकी। 


2364 मतगणना केंद्रों पर की गई गिनती
चार राज्यों व एक केंद्रशासित प्रदेश में कुल 2364 मतगणना केंद्रों पर मतों की गिनती के काम को अंजाम दिया गया। इनमें बंगाल में 1113, केरल में 633, असम में 331, तमिलनाडु में 256 और पडुचेरी में 31 मतगणना केंद्र बनाए गए थे। सभी केंद्रों को मतगणना के दौरान कम से कम 15 बार कोरोना मुक्त करने के लिए सेनिटाइज किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed