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बंगाल में सियासी भूचाल: BJP का बाद दावा- 20 TMC सांसद संपर्क में, तृणमूल ने किया खारिज; दल-बदल की अटकलें तेज
Tue, 26 May 2026 11:01 PM IST
शिवम गर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: शिवम गर्ग
Updated Tue, 26 May 2026 11:01 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है, जहां भाजपा नेता ने दावा किया है कि 20 टीएमसी सांसद पार्टी के संपर्क में हैं। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इस दावे को पूरी तरह झूठा और राजनीतिक साजिश करार दिया है।
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ममता बनर्जी
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सौमित्र खान ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लगभग 20 सांसद भाजपा के संपर्क में हैं और सही समय आने पर पार्टी बदल सकते हैं।हालांकि, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने इस दावे को पूरी तरह झूठा और निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।
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20 सांसद संपर्क में हैं- सौमित्र खान का बड़ा दावा
भाजपा सांसद सौमित्र खान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर पार्टी नेतृत्व की सहमति मिले तो टीएमसी के कई सांसद भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यहां तक दावा किया कि यदि हालात अनुकूल बने तो आने वाले दिनों में टीएमसी के बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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TMC ने बताया- यह पूरी तरह झूठा दावा
वहीं टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने इस बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर ऐसे दावे कर राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
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दल-बदल कानून का भी आया जिक्र
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी पार्टी के दो-तिहाई सांसद एक साथ किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं, तभी वे दल-बदल कानून से बच सकते हैं। टीएमसी के लोकसभा में 29 सांसद हैं, ऐसे में लगभग 19 से 20 सांसदों का एक साथ जाना ही कानूनी रूप से संभव माना जाता है, जिस पर यह पूरा दावा आधारित है।
ज्यादातर राज्यसभा के सदस्य संपर्क में
सूत्रों के मुताबिक टीएमसी में नाराज चल रहे नेताओं में राज्य इकाई के कई वरिष्ठ नेताओं में ज्यादा संख्या राज्यसभा के सांसदों की है। कुछ लोकसभा के सांसद और विधायक भी नाराज हैं। राज्यसभा में टीएमसी के 13 तो लोकसभा में 28 सदस्य हैं। हाल ही में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा के सात सदस्यों ने भाजपा का दामन थामा था।
जल्दबाजी नहीं दिखाएगी भाजपा
इस संदर्भ में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि करारी शिकस्त के बाद टीएमसी में कई स्तर पर नाराजगी खुल कर सामने आ रही है। भाजपा नहीं चाहती कि उसका द्वार सभी के लिए खुल जाए। इससे पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं में असमंजस का भाव पैदा होगा। इसी को देखते हुए नतीजे आने के बाद ही पार्टी में दूसरे दलों के नेताओं-कार्यकर्ताओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। अब आगे क्या होगा, इसका निर्णय केंद्रीय नेतृत्व को करना है। हो सकता है भविष्य में दिनेश त्रिवेदी जैसे स्वच्छ छवि के नेताओं के लिए पार्टी का दरवाजा खुल जाए।