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तनातनी: भाजपा बोली- श्यामा प्रसाद ने दखल नहीं दिया होता तो बंगाल इस्लामी देश का हिस्सा होता
Mon, 21 Jun 2021 05:57 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, कोलकाता।
एजेंसी, कोलकाता।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 21 Jun 2021 05:57 AM IST
सार
- पश्चिम बंगाल दिवस मनाने पर भिड़ीं भाजपा और तृणमूल
- तृणमूल ने कहा, यह इतिहास को विकृत करने की कोशिश
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भाजपा ने रविवार को पश्चिम बंगाल दिवस मनाकर पार्टी के विचारक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी है। पार्टी ने हिंदू कार्ड खेलते हुए कहा है कि मुखर्जी दखल नहीं देते तो पश्चिम बंगाल एक इस्लामी देश का हिस्सा होता। हालांकि, तृणमूल ने आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा इतिहास को विकृत करने की कोशिश कर रही है।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने 20 जून को पश्चिम बंगाल दिवस पर पार्टी मुख्यालय पर आयोजनों की अगुवाई की। पार्टी के सांसद स्वप्न दासगुप्ता ने ट्विटर पर एक पोस्ट में कहा, न तो तृणमूल और न ही माकपा और कांग्रेस ने यह दिवस मनाया।
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अधिकारी ने कहा, अगर 54 हिंदू प्रतिनिधियों ने पश्चिम बंगाल को अलग नहीं किया होता तो हमारे राज्य की राजधानी कोलकाता के बजाय इस्लामाबाद या ढाका होती।
विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में हुई हिंसा की घटनाओं को कथित सांप्रदायिक रंग देते हुए अधिकारी ने कहा, सनातन हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों पर हमले किए जा रहे हैं। अब भी 17,500 लोग बेघर हैं और चुनाव बाद हुई हिंसा में 42 लोग मारे गए हैं।
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बंगाल के बंटवारे पर कहा, शिकायतें दूर हों
उत्तर बंगाल के विभिन्न धड़ों द्वारा अलग राज्य बनाने की मांग पर पार्टी मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम के बाद अधिकारी ने कहा, हमारी पार्टी राज्य के बंटवारे की मांग का समर्थन नहीं करती है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि उत्तर बंगाल के लोगों की शिकायतों को दूर किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, भाजपा बंगाल के बंटवारे की किसी मांग का समर्थन नहीं करेगी, लेकिन दक्षिण कोलकाता के कुछ नेताओं को ही सभी अहम मंत्री पद क्यों दे दिए गए? कुछ जिले वर्षों से अनदेखी का सामना कर रहे हैं।
गौरतलब है कि भाजपा सांसद जॉन बरला और जयंत रॉय ने पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों को अलग कर नया राज्य बनाने की मांग की थी, जिस पर तृणमूल कांग्रेस और अन्य पार्टियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। भाजपा नेतृत्व ने भी इस मुद्दे से खुद को अलग कर लिया था।
बंगाली हिंदुओं ने मुस्लिम लीग की कोशिश असफल की: दासगुप्ता
20 जून पश्चिम बंगाल दिवस है। इसी दिन वर्ष 1947 में बंगाली हिंदुओं ने पाकिस्तान में पूरे बंगाल को शामिल करने की मुस्लिम लीग की कोशिश को असफल कर भारत में अलग राज्य की मांग की थी। यह वह विचारधारा थी, जिसने फैसले को मूर्त रूप दिया है और हमें इसे भूलना नहीं चाहिए।-स्वप्न दासगुप्ता, राज्यसभा सदस्य
भ्रमित करना चाहती है भाजपा: सौगत रॉय
भाजपा इतिहास के अपने संस्करण से लोगों को भ्रमित करना चाहती है। केवल श्यामा प्रसाद मुखर्जी अकेली हस्ती नहीं थे जो बंगाल के लिए खड़े हुए। और भी कई हस्तियां थीं जिनमें प्रगतिशील मुसलमान भी शामिल थे।-सौगत रॉय, तृणमूल कांग्रेस सांसद