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भाजपा का प्लान: 'रिकॉर्ड टीकाकरण' से कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी या अगले साल चुनाव में उतरने की

Fri, 17 Sep 2021 07:17 PM IST
प्रतिभा ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Fri, 17 Sep 2021 07:17 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर रिकॉर्ड तोड़ टीकाकरण करके उन्हें खास उपहार दिया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार और पार्टी कमर कस चुकी थी।
 

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BJP's plan: Preparing to fight the third wave of Corona with 'record vaccination' or to enter the elections next year
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर सरकार ने टीकाकरण के लिए देशभर में विशेष शिविरों का आयोजन किया। कर्नाटक के चिकमगलूर में भी बड़ी संख्या में लोग वैक्सीन लगवाने कैंपों में पहुंचे। - फोटो : PTI

विस्तार

भारत ने कोरोना टीकाकरण के मामले में दुनिया का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर कहा एक दिन में दो करोड़ टीका लगाने का आंकड़ा पार कर लिया है। स्वास्थय मंत्री मंडाविया ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी से टीकाकरण कराकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन का उपहार देने की अपील की थी। इस अभियान को सफल बनाने के सरकार और पार्टी दोनों स्तर पर तैयारी लंबे समय से हो रही थी। 

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रिकॉर्ड बनाने के लिए चुना पीएम का जन्मदिन
भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पीएम को 'उपहार'  देने के लिए सभी राज्य इकाइयों को पीएम के जन्मदिन पर एक बड़े टीकाकरण अभियान को सफल बनाने का निर्देश दिया गया था। कार्यकर्ताओं को लोगों को टीकाकरण केंद्र तक लाने और टीका लगाने का कहा गया था और इसके लिए नेताओं ने एड़ी-चोटी का जोड़ लगा दिया था। पार्टी ने कार्यकर्ताओं तक यह संदेश पहुंचाया है कि अगले साल चुनाव होने हैं ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए टीकाकरण के बिना इस चुनौती को पार नहीं किया जा सकता। 
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तीन दिन पहले नड्डा ने आज होने वाले टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्षों, महासचिवों और अन्य पदाधिकारियों से मुलाकात की थी। एक प्रमुख पदाधिकारी ने बताया हम इसे एक रिकॉर्ड बनाने की कोशिश कर रहे थे  जिससे कि पीएम के जन्मदिन पर इसे मील के पत्थर के रूप में देखा जाए। भारत पहले ही पिछले कुछ हफ्तों में तीन बार एक करोड़ रोजाना टीकाकरण के लैंडमार्क को पार कर चुका है,  हम पीएम के जन्मदिन पर नई ऊंचाइयों को छूने की उम्मीद में थे, जो पूरा हुआ। 
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जनता के गुस्से को संभालना एजेंडे में ऊपर
दरअसल भाजपा के एजेंडे में सबसे ऊपर अभी कोरोना महामारी के कारण जनता के गुस्से और आवेश को संभालना है। ताकि अगले साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव तक सरकार और पार्टी के खिलाफ सकारात्मक माहौल बनाया जा सके। टीकाकरण पार्टी की यह राह आसान कर सकता है। 

राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि कोरोना टीकाकरण में रिकॉर्ड तोड़ने के लिए भाजपा ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन का खास मौका इसलिए चुना है ताकि कोरोना कोरोना की दूसरी लहर की वजह से ही सरकार की इमेज को जो धक्का लगा था, उसे सुधारा जा सके। गुजरात में विजय रूपाणी सरकार की विदाई का एक महत्वपूर्ण कारणों में कोरोना महामारी से ठीक से नहीं निपटने को भी माना जा रहा है। मोदी भाजपा का ब्रांड है, पार्टी का मुख्य चेहरा हैं। ऐसे में उनके चेहरे को आगे रखकर ही पार्टी ने इस तरह का रिकॉर्ड बनाने की रणनीति तैयार की जिससे कि अगले साल चुनाव में टीकाकरण की उपलब्धियों के साथ मैदान में उतर सके। 

पीएम के जन्मदिन से अच्छा अवसर और क्या होता
पार्टी के एक नेता ने कहा ‘ ठीक बात है, हम एक जिम्मेदार पार्टी है और लोगों को टीका लगाकर दुनिया का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से अच्छा अवसर और क्या हो सकता है। यह एक अनूठी पहल है। अब किसी भी हाल में तीसरी लहर को आने नहीं देना है क्योंकि अगले साल कई राज्यों में चुनाव है। इसलिए यह अभियान देश भर में चलाया गया है।’ 

सूत्रों के मुताबिक पीएम के जन्मदिन पर टीकाकरण का रिकॉर्ड बनाने की रणनीति सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं के जमीनी रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई। भाजपा के जन प्रतिनिधियों ने पार्टी नेतृत्व को यह रिपोर्ट दी थी कि कोरोना महामारी को लेकर लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी है और चुनाव में उतरने से पहले हर हाल में इस नाराजगी को दूर करना जरुरी है। कोरोना महामारी से लड़ने में टीकाकरण सबसे कारगर उपाय है और मृत्यु दर को कम करता है।

इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लगाकर यह संदेश देने की कोशिश है कि सरकार इस महामारी के खिलाफ मुस्तैदी से लड़ रही है और लोगों की जान बचाने के लिए ज्यादा से ज्याद लोगों को टीके लगा दिए गए हैं। पार्टी नेतृत्व ने सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं को नेतृत्व का निर्देश दिया था कि कोविड महामारी की दूसरी लहर से निपटने में जो कमी रह गई उसे दूर करने के उपायों पर काम करें जिससे कि अगले साल के विधानसभा चुनावों पर इसकी छाया नहीं पड़े।

पार्टी के शीर्ष अधिकारियों ने सांसदों को यह संदेश लेकर जाने के लिए कहा है कि सरकार ने रिकॉर्ड तोड़ टीकाकरण के साथ-साथ ऑक्सीजन, अस्पताल के बिस्तर और आवश्यक दवाओं की कमी की व्यवस्थागत विफलताओं को भी समय पर दूर कर लिया है।

यूपी में भी खास तैयारी
कोरोना की दूसरी लहर में सबसे प्रभावित राज्यों में रहा उत्तर प्रदेश। अगले कुछ महीनों में यहां चुनाव होने हैं। ऐसे में तीसरी लहर में फिर से यह राज्य प्रभावित नहीं हो वैक्सीनेशन के साथ-साथ पार्टी एक स्वास्थ्य स्वयंसेवी बल का गठन कर रही है। 'स्वास्थ्य सेवक' के नाम से जाने जाने वाले स्वयंसेवकों को डॉक्टरों से कोविड प्रबंधन में बुनियादी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इन स्वयंसेवकों को एक किट जी जाएगी जिसमें पल्स ऑक्सीमीटर, दवाएं और थर्मामीटर और एक बुकलेट जैसी जरूरी चीजें मुहैया कराई जाएंगी। स्वास्थ्य सेवकों को अनिवार्य रूप से राज्य के ग्रामीण इलाकों में तैनात किया जाएगा जहां चिकित्सा बुनियादी ढांचा तुलनात्मक रूप से कमजोर है।


कोरोना से लड़ाई में टीका कारगर
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में वैक्सीन बहुत कारगार रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि टीकाकरण का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि यह मृत्यु दर को कम करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का भी मानना है कि टीके से लाखों लोगों की जान बचाई जा सकी है। एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में कोरोना से होने वाली मौतें केवल उन लोगों की हुई हैं जिनको कोरोना का टीका नहीं लगाया था।

कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान में भारत में 13 सितंबर तक कुल 75 करोड़ से ज्यादा टीका लगाया जा चुका है।  इनमें से 18 करोड़ लोगों को दोनों डोज दी जा चुकी हैं, जबकि  39 करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्हें अभी सिर्फ पहली डोज ही दी गई हैं। संभावना लगाई जा रही है कि अक्टूबर के मध्य तक देश में कोरोना वैक्सीन की सौ करोड़ टीके की खुराक लगाई जा सकती है। इसमें वैक्सीन की पहली और दूसरी दोनों खुराकें शामिल हैं।
 

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