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भाजपा: रामलाल की जगह आए बी एल संतोष के सामने ये होगी पहली अग्निपरीक्षा
Mon, 15 Jul 2019 07:42 PM IST
आसिम खान
अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Mon, 15 Jul 2019 07:42 PM IST
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बी एल संतोष (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बीएल संतोष को पार्टी का नया महासचिव (संगठन) नियुक्त किया है। मूलरूप से कर्नाटक के रहने वाले बीएल संतोष विभाग प्रचारक के रूप में साढ़े चार वर्ष तक काम कर चुके हैं। वे कर्नाटक भाजपा के महासचिव भी रह चुके हैं। महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड जैसे अहम राज्यों के विधानसभा चुनाव उनकी पहली अग्निपरीक्षा होंगे जिसमें पार्टी की वापसी एक बड़ी चुनौती होगी।
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बाद राष्ट्रीय महासचिव के पद को संगठन में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। संगठन महासचिव भाजपा की हर शीर्ष बैठक में शामिल होता है और यह संघ और भाजपा में सेतु के रूप में काम करता है। बीएल संतोष रामलाल का स्थान लेंगे जिन्हें संघ ने वापस संगठन में बुला लिया है। अब रामलाल संघ में अखिल भारतीय सहसंपर्क प्रमुख का पद संभालेंगे।
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विजयवाड़ा में प्रांत प्रचारकों की बैठक के बाद संघ ने शनिवार को इसके बारे में जानकारी दी थी। वर्ष 2006 में अपनी नियुक्ति के बाद रामलाल 13 वर्षों तक इस पद पर बने रहे थे। उनके कार्यकाल में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार उपलब्धि हासिल की जिसमें देश के 19 राज्यों तक में सरकार बनाने से लेकर केंद्र में दो बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाना शामिल है।
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स्वयं सेवक बनने के लिए आवेदनों की बाढ़
आरएसएस के मुताबिक, उसके पास स्वयंसेवक बनने के लिए भारी संख्या में लोगों ने आवेदन किया है। इस वर्ष के पहले छह महीनों में स्वयंसेवक बनने के लिए सबसे ज्यादा युवाओं ने आवेदन किया है। इसमें ज्यादातर चालीस वर्ष से कम आयु वाले युवा शामिल हैं। संघ के मुताबिक 2019 के पहले छह महीनों के बीच उनके पास स्वयंसेवक बनने के लिए 66,835 आवेदन आए हैं।
वर्ष 2014 में यह संख्या 39760, वर्ष 2016 में 47200 और वर्ष 2018 में स्वयंसेवक बनने के लिए 56892 लोगों ने उनसे संपर्क किया था। संघ के मुताबिक, गत लोकसभा चुनाव के दौरान उसके कार्यकर्ताओं ने देश के 5.5 लाख गांवों में से 4.5 लाख गांवों में संपर्क किया था। संघ रचना के 56 हजार मंडलों में से 50 हजार मंडलों तक संघ के कार्यकर्ता पहुंचे थे।
नई ऊर्जा चाहता है संघ
आरएसएस के एक पदाधिकारी के मुताबिक, हमेशा नई ऊर्जा को अवसर देना चाहता है। रामलाल ने चुनाव से पूर्व भी पत्र लिखकर अपने पद से हटने की इच्छा जताई थी, लेकिन चुनाव नजदीक होने के कारण उनकी मांग को अस्वीकार कर दिया गया था। वहीं, नए संगठन महासचिव को अपनी पद नियुक्ति के बाद अगले चुनाव के पहले कार्य करने का पूरा अवसर मिलेगा।
पदाधिकारी के मुताबिक संघ अब अपने वैचारिक विस्तार को नया आयाम देना चाहता है। इसके लिए नए कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। नए भारत में सबके समान विकास के अवसरों के लिए सभी वर्गों का सहयोग हो, इसके लिए कार्य किया जा रहा है।