भाजपा का आरोप, अमरिंदर सरकार ने एससी छात्रों की जारी नहीं की छात्रवृत्ति
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भाजपा का आरोप है कि पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने राज्य के अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति की रकम जारी नहीं की है। केंद्र के अंशदान 1286 करोड़ रुपये की धनराशि का उपयोग प्रमाण पत्र भी केंद्र को नहीं दिया है जिसके कारण वहां से छात्रवृत्ति की अगली किस्त जारी नहीं हो पा रही है। इस कारण से हजारों अनुसूचित जाति के छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मुश्किल आ रही है। भाजपा ने इस मामले की जांच के लिए केंद्र सरकार से शिकायत की है।
बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ ने अमर उजाला को बताया कि केंद्र सरकार ने पंजाब राज्य के अनुसूचित जाति के छात्रों की शिक्षा के लिए वर्ष 2016-17 से अब तक 1286 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। अनुसूचित छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए राज्य अलग से अंशदान करते हैं। केंद्र से छात्रवृत्ति के लिए अगली किस्त पाने के लिए धनराशि के पूर्ण उपयोग का प्रमाण पत्र केंद्र के पास जमा करना होता है। लेकिन पंजाब सरकार ने अब तक यह प्रमाण पत्र जारी नहीं किया है। इस कारण केंद्र से भी छात्रवृत्ति की अगली किस्त जारी नहीं हो पा रही है। इससे संस्थानों ने छात्रों को अगले सत्र में दाखिला देने से इनकार कर दिया है जिससे छात्रों का भविष्य अंधकार में पड़ गया है।
केंद्र से की शिकायत
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ ने इस मामले की शिकायत केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत से की है। जानकारी के मुताबिक केंद्र से इस मामले की जांच का आश्वासन दिया है। पंजाब में लगभग एक तिहाई आबादी अनूसूचित जाति वर्ग के लोगों की है। इससे वहां लाखों अनुसूचित जाति के छात्र हैं जो अपना भविष्य बनाने के लिए इंजीनियरिंग और अन्य प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन राज्य की लापरवाही के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। चुघ के मुताबिक, कई अन्य ऐसे राज्य हैं जहां अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति के साथ गड़बड़ पाई गई है। वे इन सभी राज्यों के मामलों की जांच करने की मांग करेंगे।