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Politics: भाजपा ने 'हिंदू राष्ट्र' पर अमर्त्य सेन की टिप्पणी खारिज की, कहा- इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं

Fri, 28 Jun 2024 12:36 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Fri, 28 Jun 2024 12:36 AM IST
सार

वरिष्ठ भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने कहा, अमर्त्य सेन कभी भी एनडीए सरकार के अच्छे कामों की सराहना नहीं करेंगे। उन्हें पार्टी के सत्ता में आने से पहले देश की स्थिति और इतने वर्षों के बाद वर्तमान स्थिति का आकलन करना चाहिए था।

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BJP rejected Amartya Sen comment on Hindu Rashtra and said it has no connection with reality
भाजपा नेता राहुल सिन्हा - फोटो : एएनआई

विस्तार

भाजपा ने बृहस्पतिवार को नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन के दावे को खारिज कर दिया है। अमर्त्य ने कहा था कि लोकसभा चुनाव नतीजों से पता चलता है कि भारत 'हिंदू राष्ट्र' नहीं है। भाजपा ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि अमर्त्य के दावे का जमीनी स्तर पर वास्तविक तस्वीर से कोई संबंध नहीं है। साथ ही कहा कि प्रख्यात अर्थशास्त्री को चीजों को तटस्थ दृष्टिकोण से देखना चाहिए।

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वरिष्ठ भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने कहा, अमर्त्य सेन कभी भी एनडीए सरकार के अच्छे कामों की सराहना नहीं करेंगे। उन्हें पार्टी के सत्ता में आने से पहले देश की स्थिति और इतने वर्षों के बाद वर्तमान स्थिति का आकलन करना चाहिए था। सिन्हा ने कहा, सेन बंगाल सीएम ममता बनर्जी को खुश करने के लिए ऐसी टिप्पणियां कर रहे हैं। भारत के लोगों ने सिस्टम को साफ करने और इसे भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के प्रयासों के लिए भाजपा को वोट दिया है। अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाना बीजेपी का सिरदर्द नहीं है।
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बता दें कि अमर्त्य सेन बुधवार शाम को अमेरिका से कोलकाता पहुंचे थे। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पत्रकारों से कहा, भारत एक 'हिंदू राष्ट्र' नहीं है, यह हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव परिणामों में परिलक्षित हुआ है। 90 वर्षीय सेन ने कहा, मुझे नहीं लगता कि भारत को 'हिंदू राष्ट्र' में बदलने का विचार उचित है।
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प्रख्यात अर्थशास्त्री ने कहा था कि हम हमेशा हर चुनाव के बाद बदलाव देखने की उम्मीद करते हैं। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के दौरान लोगों को बिना मुकदमे के सलाखों के पीछे डाला गया। अमीर और गरीब के बीच की खाई को बढ़ाया गया, जो आज भी जारी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से खुले विचारों वाले होने की जरूरत है, खासकर तब जब भारत एक धर्मनिरपेक्ष संविधान वाला एक धर्मनिरपेक्ष देश है। उनकी यह भी राय थी कि नया केंद्रीय मंत्रिमंडल पहले वाले की एक प्रति है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री देबाश्री चौधरी ने भी सेन की टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता की टिप्पणियों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। ये उनके निजी विचार हैं। वह अमेरिका में रहते हैं और कभी-कभी व्यक्तिगत कारणों से भारत आते हैं। मुझे नहीं लगता कि हमें उनकी टिप्पणी को ज्यादा महत्व देना चाहिए। 


वहीं टीएमसी सांसद डोला सेन ने अर्थशास्त्री सेन की राय को भारत की मौजूदा स्थिति का सही विश्लेषण बताया। उन्होंने कहा कि ये बहुत महत्वपूर्ण विचार हैं। सेन एक विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री हैं, जिन्होंने स्थिति का पूरी तरह से विश्लेषण किया है।

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