'अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर देश की आलोचना बर्दाश्त नहीं'
- शाह ने कहा, बीते 14 सालों से मोदी पर लगते रहे हैं अनर्गल आरोप
- कांग्रेस और वाम दलों पर भाजपा अध्यक्ष का करारा प्रहार
- जेएनयू के मामले को देशभर में भुनाने के लिए बनेगा कार्यक्रम
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अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर केंद्र सरकार को घेर रहे कांग्रेस और वाम दलों पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने करारा प्रहार किया है। दो टूक शब्दों में इन दलों को सियासी चुनौती देते हुए शाह ने कहा कि जितना दबाओगे, हम उतना बढ़ेंगे। राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक में अपने अध्यक्षीय संबोधन में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि बीते 14 वर्षों से नरेंद्र मोदी के खिलाफ देश-दुनिया में अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं। हमने कुछ भी नहीं कहा और संयम का परिचय दिया। शाह ने कहा कि भाजपा किसी व्यक्ति, पार्टी और सरकार की आलोचना को बर्दाश्त कर सकती है लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर देश की आलोचना को वह सहन नहीं करेगी।
जेएनयू मामले के जरिये सरकार को घेरने वाले कांग्रेस और वाम दलों पर सियासी वार करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि एक ओर कांग्रेस के लोग हम पर आरोप लगाते हैं। लेकिन आपातकाल के दौरान उन्होंने क्या किया? प्रेस पर प्रतिबंध लगाया गया, निर्दोष लोगों को जेल में बंद किया गया। शाह ने कांग्रेस से सवाल किया कि आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति के हनन को वह क्या कहेगी।
वाम दलों पर हमला करते हुए शाह ने कहा है कि माओवाद और स्टालिन के समर्थक अब लोकतंत्र और अभिव्यक्ति के हनन की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत माता की जय बोलने पर विवाद पैदा किया जा रहा है। यह नारा तो संघ और भाजपा के बनने से पहले आजादी की लड़ाई के समय से देश में लग रहा है। उन्होंने कहा कि देश विरोधी गतिविधियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जेएनयू मामले पर कांग्रेस उपाध्यक्ष को घेरा
जेएनयू मामले पर भाजपा का कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला जारी है। वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने बताया कि जेएनयू मामले पर कांग्रेस को बेनकाब करने के लिए देशव्यापी कार्यक्रम बनेगा। उन्होंने बताया कि शाह ने अपने संबोधन में जेएनयू मे लगे देश विरोधी नारों को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को घेरा है।
जेएनयू पहुंचकर राहुल ने देश विरोधी नारों को गलत नहीं ठहराया, बल्कि अभिव्यक्ति के नाम पर छात्रों के पक्ष में खड़े दिखाई दिए।
शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र की सरकार ने देश को भ्रष्टाचार और वंशवाद की राजनीति से मुक्ति तथा स्थिर एवं उम्मीद वाली सरकार दी है। उन्होंने कहा कि सरकार के कुशल कार्य से देश का नाम दुनिया में रोशन हो रहा है। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए शासन में लाखों करोड़ों रुपये के घोटाले हुए थे। वहीं मोदी सरकार की सुरक्षा और विदेश नीति दोनों में समन्वय है। शाह ने कहा कि हम शांति के पक्षधर हैं लेकिन देश के सामरिक हित के मद्देनजर सेनाओं को कह दिया गया है कि वे अपनी जरूरत के हिसाब से जो भी कदम जरूरी हों, उठाएं।