BJP: 'मोदी के बाद कौन?' प्रश्न का मिल गया जवाब, नेतृत्व पर बदली भाजपा की रणनीति
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विस्तार
विपक्ष और मीडिया से लेकर स्वयं भाजपा के अंदर भी अनेक लोग बार-बार यह आरोप लगा रहे थे कि हर मंच से जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'गुणगान' किया जा रहा है, हर योजना के माध्यम से केवल उन्हीं को लोकप्रिय बनाने की कोशिश की जा रही है, भाजपा की पूरी राजनीति केवल उन्हीं के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गई है। इससे भाजपा में भविष्य का नेतृत्व विकसित नहीं हो पाएगा और 'मोदी युग' के बाद भाजपा को भारी नुकसान होगा।
लेकिन जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में बिल्कुल नए चेहरों को सरकार की कमान सौंपी है, उससे इन प्रश्नों का जवाब मिल गया है। मोदी ने राजनाथ, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, रमन सिंह और वसुंधरा जैसे पार्टी के बड़े नेताओं के रिटायर होने से पहले ही अगली पीढ़ी के नेताओं की नई फौज खड़ी कर दी है। आने वाले समय में यही नेता पार्टी को आगे बढ़ाएंगे।
केवल मोदी के द्वारा आगे बढ़ाए गए नेताओं की बात करें, तो उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक केशव प्रसाद मौर्य, पुष्कर सिंह धामी, अनुराग सिंह ठाकुर, सम्राट चौधरी, भूपेंद्र यादव, जी. किशन रेड्डी, धर्मेंद्र प्रधान, प्रमोद सावंत, मनसुख मंडाविया और हिमंत बिस्वा सरमा जैसे अनेकों नाम शामिल हैं।
नेताओं की यह फौज अलग-अलग क्षेत्रों में ही नहीं है, यह अलग-अलग सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर भी तैयार की गई है। मोदी ब्राह्मण, ठाकुर, पिछड़े, दलित और आदिवासी हर समाज में प्रभावशाली नेतृत्व पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। इनमें से कई नेताओं ने आज अपनी स्वतंत्र पहचान पाने में भी सफलता हासिल कर ली है। आने वाले समय में यह भाजपा की ओर से सामाजिक समीकरणों के आधार पर उससे मिलने वाली किसी भी चुनौती का जवाब भी हो सकते हैं।
इनके अलावा भाजपा के पास योगी आदित्यनाथ और देवेंद्र फडणवीस जैसे नेता भी हैं, जो अपने दम पर राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित करने का दम रखते हैं। भाजपा के लिए यह अच्छी बात है कि उसके पास नरोत्तम मिश्रा, बाबा बालक नाथ, तेजस्वी सूर्या जैसे नेता हैं जो भविष्य में बड़े चेहरे बन सकते हैं।
मोदी ने तैयार किए हर वर्ग-हर जाति के नेता
राजनीतिक विश्लेषक संजय रतन श्रीवास्तव ने अमर उजाला से कहा कि यह आरोप पूरी तरह निराधार है कि मोदी के 'ओवर एक्सपोजर' के कारण भाजपा में भविष्य का नेतृत्व विकसित नहीं हो पा रहा है। सच्चाई यह है कि अपने दस साल के कार्यकाल में मोदी ने पूरे देश में भाजपा नेताओं की एक नई पौध तैयार कर दी है, जो आने वाले समय में भाजपा की राजनीति को आगे ले जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी का अगले पांच साल तक देश का नेतृत्व करना तय है। इतने समय में ये नेता पूरी तरह अपनी जड़ें जमा चुके होंगे और उनके पास पर्याप्त अनुभव भी हो चुका होगा। ऐसे में नेताओं की दृष्टि से भाजपा काफी समृद्ध दिखाई पड़ रही है और इसका श्रेय केवल प्रधानमंत्री की युवाओं को अवसर देने की सोच को जाता है।